हाईटेक फायर सिस्टम और AI पर जोर, गावों में बनाएं जाएंगे अग्निमित्र; 14 अप्रैल से शुरू होगा जागरूकता अभियान
रूरल न्यूज नेटवर्क।गोरखपुर में उत्तर प्रदेश
अग्निशमन एवं आपात सेवा के महानिदेशक सुजीत पाण्डेय ने गोलघर फायर स्टेशन का
निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं
की समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आने वाले समय में
आग लगने की बढ़ती घटनाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया।उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में आग लगने की
घटनाएं अधिक होती हैं, इसलिए सभी फायर
स्टेशनों की तैयारियों का आकलन किया गया है। इसमें स्टाफ की उपलब्धता, फायर ब्रिगेड गाड़ियों की संख्या और उनकी स्थिति सहित अन्य
संसाधनों की जांच की गई।
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बैठक में कई
जिलों के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO)
भी शामिल हुए, जहां अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार संसाधनों की जरूरत पर
चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि हर इलाके की जरूरत अलग होती है—खुले क्षेत्रों के
लिए बड़ी गाड़ियां, संकरी गलियों
के लिए छोटी गाड़ियां और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विशेष उपकरणों वाली गाड़ियों
की आवश्यकता होती है।
गांव-गांव चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
महानिदेशक
सुजीत पाण्डेय ने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए लोगों को जागरूक करने के
लिए 14 अप्रैल से एक सप्ताह का
विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही गांव-गांव ‘अग्निमित्र’ बनाए जाएंगे, जो लोगों को आग से बचाव के उपाय बताएंगे।
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उन्होंने कहा
कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि
प्रदेश में फायर सर्विस की गाड़ियों का मूवमेंट टाइम एक मिनट के अंदर रखने का
लक्ष्य है, जिससे समय रहते आग पर काबू
पाया जा सके। अग्निमित्रों की मदद से फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही मौके पर
प्रारंभिक व्यवस्था हो जाती है।
हाईटेक तकनीक और एआई पर जोर
फायर सर्विस को
और आधुनिक बनाने के लिए नई तकनीकों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। महानगरों के लिए
हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और अन्य आधुनिक उपकरण खरीदे जा रहे हैं।
इसके अलावा
कंट्रोल रूम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल की
तैयारी भी की जा रही है, जिससे पूरे
सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।निरीक्षण के
दौरान सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया और जहां सुधार की जरूरत है, वहां आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। आने वाले समय में
इन सुधारों के परिणाम भी देखने को मिलेंगे।