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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। फर्जी IPS बनकर लोगों
पर रौब जमाने
वाले शनि उर्फ
सनी शर्मा ने
अपने शैक्षणिक दस्तावेजों
को लेकर भी जालसाजी की थी। सूचना के
अधिकार अधिनियम (RTI) के
तहत प्राप्त जानकारी
में यह बात सामने आयी
है कि उसकी जन्मतिथि, प्रमाण पत्र
व स्कूल रिकार्ड
फर्जी हैं। कूटरचना
करके उसने यह दस्तावेज तैयार कराए।
इसी की बदौलत
गोरखपुर विश्वविद्यालय में
अपने पिता की जगह पर
चतुर्थ श्रेणी में
नौकरी ज्वाइन की।
इस मामले से
जुड़े प्रपत्र गोरखपुर
विश्वविद्यालय के कुलसचिव
एवं एसपी नार्थ
ज्ञानेंद्र कुमार को
सौंप दिए गए हैं। जिसके
बाद इस मामले
में पुलिस ने
कार्रवाई तेज कर
दी है। माना
जा रहा है कि इन
दस्तावेजों के मिलने
के बाद विश्वविद्यालय
प्रशासन की ओर से भी
उसकी बर्खास्तगी की
कार्रवाई की जाएगी।
अब जानिए क्या गड़बड़ियां
मिलीं
पीपीगंज के अंबेडकरनगर
की रहने वाली
दुर्गेश नंदिनी ने
इस मामले में
शिकायत की थी। शिकायत की
जांच हुई तो पता चला
कि सनी ने बाबू हरिचरन
हाईस्कूल तिघरा से
कक्षा 8 का अंकपत्र
व टीसी प्रस्तुत
किया। इसमें उसकी
जन्मतिथि 16 मई 1992 दर्ज है।
इस विद्यालय के
प्रधानाध्यापक से जब
सत्यापन कराया गया
तो तथ्य कुछ
और मिले। स्कूल
के रजिस्टर के
क्रम संख्या 1500 पर
सनी का नाम ही दर्ज
नहीं है। इसी तरह नेहरू
उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
पीपीगंज में 2009-10 मे
सनी का प्रवेश
कक्ष 1 में दिखाया
गया है। जन्मतिथि
2 अगस्त 1995 अंकित है।
दोनों जन्मतिथियों में
अंतर से यह स्पष्ट होता
है कि जानबूझकर
फर्जीवाड़ा किया गया
है। इस मामले
में विश्वविद्यालय से
भी जांच की मांग की
गई है।
विश्वविद्यालय
में एडमिशन के नाम
पर पैसा वसूलने का
आरोप
सनी पर गोरखपुर
विश्वविद्यालय में एडमिशन
के नाम पर पैसा वसूलने
का आरोप भी लगा है।
चर्चा है कि इस मामले
में कुलसचिव की
ओर से सनी से स्पष्टीकरण
मांगा गया है। पीपीगंज की पिंकी
वर्मा ने आरोप लगाया है
कि सनी ने पीएचडी में
प्रवेश दिलाने के
नाम पर 25, 26 व
28 अप्रैल को अलग-अलग कुल
18 हजार 200 रुपये ऑनलाइन
लिए। उसे कर्मचारी
कोटे से प्रवेश
दिलाने का झांसा
दिया गया था। इसी तरह
जंगल सालिकराम, पादरी
बाजार के अनुराग
चौहान ने भी 30
अगस्त को कुलपति
से शिकायत की
है। आरोप है कि सनी
ने उनसे प्रवेश
दिलाने के लिए
40 हजार रुपये मांगे
थे। उनका कहना
है कि उन्होंने
18 हजार रुपये आनलाइन
जबकि 22 हजार रुपये
नकद दिए थे। कुलसचिव कार्यालय की
ओर से इस मामले में
नोटिस जारी किया
गया है।