चिड़ियाघर में बिक रहा था फर्जी टिकट, रिकॉर्ड की जांच में मिली बड़ी गड़बड़ी, चार कर्मचारियों पर कार्रवाई
रूरल न्यूज नेटवर्क।गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान
में टिकट बिक्री से जुड़ी बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। आरोप है कि कुछ कर्मचारी टिकट
काउंटर पर लगे कंप्यूटर सिस्टम में बदलाव कर फर्जी तरीके से टिकट निकाल रहे थे।
इससे चिड़ियाघर को मिलने वाले राजस्व को नुकसान पहुंच रहा था। मामला सामने आने के
बाद अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
चिड़ियाघर प्रशासन को टिकट व्यवस्था में गड़बड़ी की जानकारी
मिली थी। इसके बाद अधिकारियों ने जांच के लिए एक टीम बनाई। टीम ने 14 अप्रैल से 13 मई 2026 तक के टिकट बिक्री के रिकॉर्ड और सीसीटीवी
कैमरों की जांच की। जांच के दौरान कई दिनों के रिकॉर्ड में टिकट और दर्शकों की
संख्या में अंतर मिला।
एक दिन में ही मिला सैकड़ों लोगों का अंतर
जांच टीम को एक दिन के रिकॉर्ड में करीब 440 लोगों का अंतर मिला। यानी जितने लोग सीसीटीवी
फुटेज में चिड़ियाघर आते दिखाई दिए, उतनी संख्या में
टिकट रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे। इस वजह से एक दिन में करीब 22 हजार रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
अधिकारियों को आशंका है कि पूरी जांच के बाद नुकसान की रकम और बढ़ सकती है।जांच में यह बात सामने आई है कि टिकट काउंटर के कंप्यूटर
सिस्टम से छेड़छाड़ कर गलत तरीके से टिकट जारी किए जा रहे थे। इससे टिकट बिक्री का
सही रिकॉर्ड नहीं बन पा रहा था। इस मामले में एक वन विभाग के कर्मचारी की भूमिका
भी जांच के दायरे में है।
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चार निजी कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
शुरुआती जांच के बाद टिकट व्यवस्था से जुड़े चार निजी
कर्मचारियों अमन यादव, हरिशंकर चौहान, खुशबू सिंह और
अंशुमान सिंह को हटा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जांच की
जा रही है और सभी तथ्यों को देखा जा रहा है।
चिड़ियाघर प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के
बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने भी
साफ किया है कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा
नहीं जाएगा।