गीता प्रेस ने पहली बार नेपाली भाषा में छापे पुराण, नृसिंह व महाभागवत देवी पुराण नेपाल भेजे, श्रद्धालु अपनी भाषा में कर सकेंगे पाठ
रूरल न्यूज नेटवर्क।गीता प्रेस ने नेपाली भाषा में धार्मिक पुस्तकें पढ़ने वाले
श्रद्धालुओं के लिए नई शुरुआत की है। पहली बार गीता प्रेस ने नृसिंह पुराण और
महाभागवत देवी पुराण को नेपाली भाषा में प्रकाशित किया है। दोनों पुराणों की
तीन-तीन हजार प्रतियां छापी गई हैं। इनमें से एक-एक हजार प्रतियां नेपाल भेज दी गई
हैं। अब नेपाल के श्रद्धालु अपनी भाषा में इन धार्मिक ग्रंथों को आसानी से पढ़
सकेंगे।
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नेपाल में रहने वाले
श्रद्धालु लंबे समय से चाहते थे कि गीता प्रेस की प्रमुख धार्मिक पुस्तकें नेपाली
भाषा में भी उपलब्ध हों। उनकी मांग को देखते हुए गीता प्रेस ने इन दोनों पुराणों
का नेपाली संस्करण तैयार किया है। इससे उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिन्हें हिंदी पढ़ने और समझने में परेशानी होती थी।
गीता और रामचरितमानस भी
नेपाली भाषा में उपलब्ध
गीता प्रेस इससे पहले भी कई
धार्मिक पुस्तकों को नेपाली भाषा में प्रकाशित कर चुका है। इनमें गीता, रामचरितमानस सहित कई प्रमुख पुस्तकें शामिल हैं। नेपाली
भाषा में इन पुस्तकों को काफी पसंद किया गया। इसके बाद अन्य धार्मिक ग्रंथों को भी
नेपाली भाषा में प्रकाशित करने का फैसला लिया गया।गीता प्रेस अब तक 50 से ज्यादा
पुस्तकों को नेपाली भाषा में प्रकाशित कर चुका है। नेपाल में इन पुस्तकों की मांग
लगातार बनी रहती है। नृसिंह पुराण की कीमत करीब 200 रुपये रखी गई
है,
जबकि महाभागवत देवी पुराण की कीमत करीब 350 रुपये है।
नेपाल भेजी गईं एक-एक हजार
प्रतियां
गीता प्रेस की ओर से छापी
गईं प्रतियों में से नृसिंह पुराण और महाभागवत देवी पुराण की एक-एक हजार प्रतियां
नेपाल भेजी गई हैं। बाकी प्रतियां गीता प्रेस के बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध
रहेंगी। संस्था का मानना है कि नेपाली भाषा में पुस्तकें मिलने से ज्यादा श्रद्धालु
इन ग्रंथों से जुड़ सकेंगे।
गीता प्रेस के प्रबंधक
लालमणि तिवारी ने बताया कि नेपाली भाषी श्रद्धालुओं की मांग को देखते हुए पुस्तकों
का प्रकाशन किया जा रहा है। पहले गीता और रामचरितमानस को नेपाली भाषा में प्रकाशित
किया गया था। अब नृसिंह पुराण और महाभागवत देवी पुराण को भी नेपाली भाषा में
उपलब्ध कराया गया है। आगे भी श्रद्धालुओं की जरूरत के अनुसार पुस्तकें प्रकाशित की
जाएंगी।