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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीज माफिया की सक्रियता बढ़ गई
है। पिछले बारह दिनों में मेडिकल चौकी पुलिस ने निजी अस्पतालों से जुड़ी चार
एम्बुलेंस जब्त की हैं। ये एम्बुलेंस मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में
ले जाने की कोशिश कर रही थीं। पहला मामला 12 मार्च का है, जब बिहार के
गोपालगंज जिले की निप्पू कुमारी गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती थीं। दोपहर
में चिलुआताल क्षेत्र स्थित मनोकामना अस्पताल के नाम से पंजीकृत एक एम्बुलेंस मरीज
को निजी अस्पताल ले जा रही थी। गार्डों ने इसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
परिजनों से पूछताछ में पता चला कि उन्हें अस्पताल का नाम-पता मालूम नहीं था। संदेह
होने पर पुलिस ने एम्बुलेंस जब्त कर ली।
दो दिन बाद, 14 मार्च को बिहार की
एक 14 वर्षीय किशोरी को परिजन गंभीर हालत में मेडिकल
कॉलेज लाए थे। यहां मरीज माफिया ने परिजनों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल ले जाने
का प्रयास किया। मेडिकल कॉलेज के गार्ड ने संदिग्ध गतिविधि देखकर तुरंत पुलिस को
सूचना दी। चौकी पुलिस ने स्पोर्ट कॉलेज के पास स्थित श्री वेदना मल्टीस्पेशलिटी
अस्पताल के नाम से पंजीकृत एम्बुलेंस को जब्त कर लिया।
सोमवार को पुलिस गश्त के दौरान बीआरडी परिसर
में एक संदिग्ध एम्बुलेंस मिली। चालक से पंजीकरण संबंधी कागजात मांगने पर वह नहीं
दिखा सका। इस पर पुलिस ने हरसेवकपुर नंबर दो स्थित हेरिटेज हॉस्पिटल के नाम से
पंजीकृत एम्बुलेंस को जब्त कर लिया।
मंगलवार सुबह भी बीआरडी परिसर में एक निजी एम्बुलेंस संदिग्ध अवस्था में खड़ी पाई गई। पुलिस को देखते ही एम्बुलेंस चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। थानाध्यक्ष इत्यानन्द पांडेय ने बताया कि एम्बुलेंस को थाने लाकर जब्त कर लिया। यह एम्बुलेंस जेल बाईपास रोड स्थित आरुही हॉस्पिटल के नाम से पंजीकृत मिली।