मण्णपुरम फाइनेंस में गोल्ड लोन घोटाला, 67 ग्राम सोना दूसरे के नाम रिलीज किया, पूर्व मैनेजर सहित 3 पर FIR
रूरल न्यूज नेटवर्क।एक महिला के साथ गोल्ड लोन
के नाम पर धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। कोरोना काल में जरूरत पड़ने पर
महिला ने मण्णपुरम फाइनेंस लिमिटेड की रेती रोड ब्रांच से 67.500 ग्राम सोना
गिरवी रखकर 2 लाख 12 हजार का लोन लिया था।आरोप है कि तत्कालीन ब्रांच
मैनेजर ने धोखे से महिला से OTP लिया। उसकी कस्टमर आईडी बंद
की और फर्जी दस्तावेजों के सहारे पूरा सोना किसी अन्य व्यक्ति के नाम रिलीज कर
दिया।
कंपनी की विजिलेंस जांच में
गड़बड़ी मिलने और पुलिस की ओर कार्रवाई न होने पर पीड़िता कोर्ट पहुंची, कोर्ट के आदेश
पर अब कोतवाली पुलिस ने ब्रांच 3 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है
और मामले की जांच में जुटी है।
एम्स थाना अंतर्गत कूड़ाघाट
के गायत्री नगर वार्ड नंबर 20 के झरना टोला वाली 48 साल की तारा
शर्मा के साथ गोल्ड लोन फ्रॉड का मामला सामने आया है। तारा के मुताबिक कोरोना काल
के दौरान उन्हें रुपयों की बहुत ज्यादा जरूरत थी।जिसके लिए उन्होंने रेती रोड स्थित मण्णपुरम फाइनेन्स
लिमिटेड कम्पनी में अपना 67.500 ग्राम का गोल्ड
गिरवी रखा और 2,12,400 रुपए लोन लिए। कंपनी की ओर
से एक कस्टमर आईडी दी गयी थी।इस आईडी को 2021 में रिनिवल भी करवाया। पीड़िता ने बताया कि लोन की अवधि के
दौरान उस समय की शाखा प्रबंधक तमन्ना खातून उन्हें लगातार काल करती थी और ब्याज
जमा करने के लिए तगादा करती थी।
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रिन्यूअल के नाम पर मांगी OTP इसी सिलसिले में उन्होंने साल 2022 में भी तारा को काल करके कहा गया कि अगर आप आज ब्याज का
रूपया जमा नहीं करेंगी तो आपका गिरवी शुदा रखा सोना नीलामी में चला जायेगा। रूपये
का प्रबन्ध करके जमा करें और गिरवी रखे सोने को रिन्यूवल करा लें।जिसके बाद तारा ने अपने पति
दयाशंकर शर्मा अकाउंट से 90 हजार रुपए
कंपनी के ब्रांच में ऑनलाइन जमा करवा दिया। रुपए जमा होने के बाद शाखा प्रबंधक
तमन्ना ने तारा से कहा कि आपका गोल्ड रिनिवल हो जाएगा।
उसके लिए मोबाईल पर एक OTP जाएगा जिसे बता दीजियेगा। कुछ समय बाद OTP आई बता दिया। तब तत्कालीन शाखा प्रबन्धक ने कहा कि आपका
गोल्ड रिन्यूवल हो गया। अगली किस्त आपको 1 मई 2022 को जमा करनी है।
धोखे से बंद कराई कस्टमर
आईडीइसके बाद प्रार्थिनी ने अपने गोल्ड का पेपर
मांगी तो शाखा प्रबन्धक ने कहा कि आपका गोल्ड आनलाईन किया गया है और तारा से पेपर
पर हस्ताक्षर करा लिया। आरोप है कि प्रार्थिनी को बिना बताए धोखे से उसकी कस्टमर
आईडी बंद कर दिया गया।
तारा के अनुसार 01 मई 2022 को अपना किस्त
जमा करने के लिए वह ब्रान्च पर गई और अपना आईडी खोलना चाही तो नहीं खुला। जिससे
मूल का 1,90,000 रुपए और दो महीने ब्याज जमा
नहीं कर पाई। तब उसे कुछ गड़बड़ी लगी।
शक बढ़ने पर गिरवी रखा गोल्ड
दिखाने को कहाशक बढ़ने पर उसने ब्रांच
मैनेजर से उसका गिरवी रखा हुआ गोल्ड दिखाने को कहा। मैनेजर ने इधर- उधर की बातें
करके गहने नहीं दिखाएं। फिर उसने पैसे लौटा कर अपने गहने वापस लेने की बात कही तब
भी मैनेजर ने बात को टाल दिया।
जिसके बाद पीड़िता ने पता
लगाने की कोशिश की तो पता चला कि उसका पूरा गोल्ड सतीश तिवारी के नाम से रिलीज
करवा दिया। पूछने पर बोली कि आपका गोल्ड गायब हो गया है। चिंता मत करिए नया
दिलवाया जाएगा। आप किश्त भरते रहिये।
स्पेशल विजिलेंस टीम से की
शिकायत
इस गड़बड़ घोटाले की शिकायत
तारा ने मण्णपुरम फाइनेंस लिमिटेड की स्पेशल विजिलेंस टीम को पत्र लिख कर किया।
जिसके बाद टीम ने जांच करते हुए एक रिपोर्ट पेश की। जिसमें तारा की आईडी सतीश के
नाम ट्रांसफर करने की बात कही गई।साथ ही दंड के
रूप में रेती ब्रांच के कर्मचारियों को पीड़िता की हानि का क्षतिपूर्ति करने के लिए
कहा गया। लेकिन आज तक न तो कोई रुपए वापस मिले और न ही गहने।
थाने में नहीं हुई कोई
कार्रवाई
पीड़िता के अनुसार इस मामले
में थाना कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिसके
बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा। कोर्ट की ओर से कोतवाली थाना क्षेत्र में ब्रांच
मैनेजर तमन्ना खातून, जूनियर
असिस्टेंट कौशलेन्द्र उपाध्याय और सतीश तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश जारी किया गया है।
एडवोकेट ने कहा, कूटरचित दस्तावेज तैयार किया गयाइस केस को फाइल करने वाले एडवोकेट अजीत सिंह ने बताया
कि उनकी क्लाइंट तारा के साथ कूटरचित दस्तावेज तैयार करके छल कपट और धोखाधड़ी से
गिरवी रखें गोल्ड मण्णपुरम फाइनेंस लिमिटेड की रेती ब्रांच की ओर से किसी और के
नाम रिलीज कर दिया गया था। इस मामले में कोर्ट ने 3 लोगों
के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई के आदेश
दिए हैं।