गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर से शुरू हुई मकान की गिनती, एडीएम एफआर के साथ पहुंची जनगणना टीम
रूरल न्यूज नेटवर्क।जनगणना के तहत स्वगणना का काम 21 मई को पूरा हो चुका है। 22 मई, शुक्रवार से मकानों
की गणना शुरू हो गई। जिले में गोरखनाथ मंदिर से इसकी शुरूआत हुई। जिला जनगणना
अधिकारी एवं ADM FR राजकुमार के साथ पहुंची जनगणना की टीम ने मंदिर
के प्रधान पुजारी की उपस्थिति में वहां भवन क्रमांक 1 दर्ज किया। इसके साथ ही जिले में विभिन्न
स्थानों पर टीमें मकान की गणना के लिए पहुंचीं। यहां रात में रुकने वाले पुजारियों
की गणना भी की जाएगी।
सभी प्रगणक सुबह ही अपने क्षेत्र में पहुंचे थे। वे लोगों
के मकान पर गए और मकान मालिक की उपस्थिति में भवन क्रमांक दर्ज किया। प्रगणकों ने
हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में नजरी नक्शा बनाया और मकानों पर उसे दर्ज कर गणना शुरू की।
गोरखनाथ मंदिर के साथ ही चिड़ियाघर को भी मकान के रूप में दर्ज किया जाएगा।
चिड़ियाघर में नियमित रूप से रात बिताने वाले लोगों की गणना की जाएगी।
धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में मकान गणना की जा रही है।
ऐसी तस्वीर वाट्स ग्रुप में साझा की जा रही है। इसी प्रकार जिला जेल, शहीद स्मारक, प्रमुख मस्जिद एवं
निर्माणाधीन कार्य स्थलों में रात बिताने वाले लोग हैं, तो उसे भवन के रूप में दर्ज किया जाएगा और
उसमें रहने वाले गिने जाएंगे।जिले की सात तहसील, नगर निगम के पांच जोन एवं 11 नगर निकायों में मकान गणना शुरू की गई। पहले
दिन प्रगणकों के साथ मौके पर पहुंचे सुपरवाइजर ने प्रगणकों के साथ नजरी नक्शा
बनवाया और उसके अनुसार एक किनारे से मकानों की गणना शुरू की गई। जिला जनगणना
अधिकारी/ एडीएम वित्त एवं राजस्व जयप्रकाश ने कहा कि मकानों की गणना शुरू करा दी
गई है।
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प्रगणकों को हुए अजीब अनुभव
मकानों की गणना के लिए निकले प्रगणकों को अजीब अनुभव हुए।
एक जनगणना प्रगणक ने बताया कि जब वह घर पर पहुंचे तो उन्हें घर के मालिक ने टैक्स
वाला समझ लिया। प्रगणक ने जब अपना परिचय दिया तब वे मकान गणना के लिए तैयार हुए।
इसी तरह भवन क्रमांक दर्ज करने पर भी कई तरह के सवालों के जवाब देने पड़े। लोगों को
पूरा प्रॉसेस समझाया गया, तब वे मकानों पर भवन संख्या दर्ज कराने को
तैयार हुए।