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Saturday, 16th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। एम्स के मॉडल
टीकाकरण केंद्र में ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) से बचाव के नि:शुल्क टीकाकरण
की शुरुआत हुई। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय एयरफोर्स की छात्राओं ने इस अभियान का
शुभारंभ किया। पहले दिन 14 वर्ष की नौ
छात्राओं को टीका लगाया गया।
एम्स गोरखपुर में अब हर
गुरुवार को 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी
और 15 वर्ष से कम उम्र की
किशोरियों को यह टीका लगाया जाएगा। सरकार ने इस टीके की केवल एक खुराक लगाने की
व्यवस्था की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजेश झा ने बताया कि महिलाओं
में सर्वाइकल कैंसर, स्तन कैंसर के
बाद दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है। एचपीवी टीकाकरण इस गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म
करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
एम्स में स्त्री एवं
प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. शिखा सेठ ने स्पष्ट किया कि एचपीवी वैक्सीन पूरी
तरह सुरक्षित और प्रभावी है। इसका प्रजनन क्षमता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं
पड़ता है।
स्त्री एवं प्रसूति रोग
विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रीति प्रियदर्शनी ने जानकारी दी कि यह टीका
सर्वाइकल कैंसर और उससे संबंधित मृत्यु दर को कम करने में सहायक है। यह टीकाकरण
विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन 2030 अभियान के
अंतर्गत किया जा रहा है। एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने इस टीकाकरण को
सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर जिला
प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एनएल कुशवाहा, डॉ. विनय शंकर, डॉ. श्रद्धा, डॉ. अजय भारती
और डॉ. मनोज सौरभ सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
यू-विन पोर्टल पर कराया जा
रहा पंजीकरण
टीकाकरण से पहले छात्राओं का पूरा विवरण यू-विन पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है, जैसा कि कोविड संक्रमण काल में पंजीकरण किया जाता था। टीका लगने के बाद सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद मोहन दीक्षित ने छात्राओं को टीकाकरण प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने बताया कि पहले से पंजीकृत किशोरियों को टीका लगेगा और टीकाकरण के बाद उन्हें 30 मिनट तक अवलोकन में रखा जाएगा।