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Sunday, 17th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। रसोई गैस की बढ़ती
मांग और पैनिक बुकिंग को देखते हुए तेल कंपनियों ने बुकिंग के नियम सख्त कर दिए
हैं। अब अगर कोई ग्राहक गैस सिलिंडर बुक करता है, तो उसे 10 दिनों के भीतर सिलिंडर लेना जरूरी होगा। अगर इस अवधि में सिलिंडर नहीं लिया गया, तो गैस एजेंसी की सिफारिश पर कंपनी उस बुकिंग
को रद्द कर देगी। इसके बाद ग्राहक को फिर से नई बुकिंग करनी पड़ेगी। हालांकि राहत की बात यह है कि दोबारा बुकिंग कराने पर 25 या 45 दिन का इंतजार नहीं
करना पड़ेगा। ग्राहक जैसे ही नई बुकिंग करेंगे, उन्हें तुरंत
डिलीवरी अथेंटिकेशन कोड (DAC) मिल जाएगा और सिलिंडर की डिलीवरी प्रक्रिया
शुरू हो जाएगी।
जानिए क्यों लागू हुआ यह नियम
इन दिनों गैस की किल्लत के डर से लोग जरूरत से पहले ही
सिलिंडर बुक करा रहे हैं। शहरों में जहां 25 दिन का गैप होता
है। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह अवधि 45 दिन की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में तो अक्सर इस तय सीमा के अंदर सिलिंडर
खाली हो जाता है। लेकिन शहरों में छोटे परिवारों का सिलिंडर 25 दिन में खत्म नहीं होता। इसके बावजूद लोग समय
पूरा होते ही बुकिंग करा देते हैं।
समस्या कैसे बढ़ रही है
बुकिंग के बाद 1-2 दिन में डिलीवरी
बॉय सिलिंडर लेकर घर पहुंच जाता है। लेकिन कई घरों में पुराना सिलिंडर अभी खाली
नहीं होता, इसलिए ग्राहक डिलीवरी टाल देते हैं। इससे
एजेंसियों पर बैकलॉग बढ़ जाता है।
इसके अलावा कई उपभोक्ताओं का शिकायत है कि डीएसी नंबर आने
के बाद उन्हें कई कई दिनों तक एजेसी की तरफ से न फोन आता है न ही डिलीवरी की जाती
है। ऐसे में हम जैसे कस्टमर घंटों लाइन में लगे रहते हैं। खासतौर पर उन घरों में
यह समस्या ज्यादा है, जहां सिर्फ एक ही सिलिंडर कनेक्शन है।
जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि लोग
घबराहट में बुकिंग तो कर रहे हैं, लेकिन समय पर सिलिंडर नहीं ले रहे हैं। इससे
सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ जरूरत होने पर ही
बुकिंग कराएं, ताकि सभी को समय पर गैस मिल सके।
कस्टमर ने हाकर पर लगाया गड़बड़ी का आरोप
कई गैस उपभोक्ताओं ने कुछ गैस एजेंसियों के डिलीवरी बॉय भी इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। कम खपत वाले ग्राहकों से DAC कोड मांग रहे हैं और वादा कर रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर किसी और के कोड से सिलिंडर दिला देंगे। हालांकि यह तरीका नियमों के खिलाफ है और अधिकांश ग्राहक अब ऐसे ऑफर से बच रहे हैं।