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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी की ओर से इनोवेशन और
एंटरप्रेन्योरशिप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल किया गया
है। यूनिवर्सिटी ने 'नवोन्मेष: द
इनोवेशन एंड स्टार्टअप फाउंडेशन' नाम से एक का
इन्क्यूबेशन सेंटर/कंपनी रजिस्टर कराई है। इस सेंटर का मुख्य
मकसद यूनिवर्सिटी में नए आइडियाज और बिजनेस को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से
स्टूडेंट्स को बिजनेस चलाने की ट्रेनिंग, कानूनी और
फाइनेंशियल एडवाइस और बड़े व्यापारियों से जुड़ने का मौका मिलेगा।
बोर्ड संभालेगा
जिम्मेदारी
इस नई संस्था को चलाने के लिए एक बोर्ड बनाया
गया है, जिसमें कुलपति प्रो. पूनम टंडन, कुलसचिव धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, वित्त अधिकारी जय मंगल राव, सहायक आचार्य डॉ. राजू कुमार गुप्ता और डॉ.
अंशु गुप्ता शामिल हैं। इस इन्क्यूबेशन सेंटर को सरकार से जरूरी लाइसेंस और कागजात
मिल चुके हैं, जिससे अब यह पूरी तरह काम करने के लिए तैयार
है।
कुलपति ने ऐतिहासिक
कदम बताया
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इसे यूनिवर्सिटी के लिए एक
ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह सेंटर सिर्फ नाम का नहीं होगा, बल्कि छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें
दुनिया के बाजार के लिए तैयार करने का एक मजबूत जरिया बनेगा। इससे न सिर्फ नए
बिजनेस शुरू होंगे, बल्कि इलाके में रोजगार के नए मौके भी पैदा
होंगे।
आत्मनिर्भर बनेंगे
युवा-डायरेक्टर
सेंटर के डायरेक्टर डॉ. राजू कुमार गुप्ता ने
बताया कि यह सेंटर युवाओं को 'स्टार्टअप इंडिया' जैसी सरकारी योजनाओं से जोड़ने में भी मदद
करेगा। इससे यूनिवर्सिटी के छात्र अब सिर्फ नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनेंगे।