-
Friday, 15th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। कमिश्नर अनिल ढींगरा ने 11 मई को
पीडब्ल्यूडी सहित सभी निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक
में उन्होंने निर्देश दिया था कि नाला निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग जरूर की जाए।
कमिश्नर की ओर से सख्त
चेतावनी थी कि यदि नाले में किसी के गिरने का मामला आया तो कठोर कार्रवाई की
जाएगी। लेकिन बैठक से निकलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) के जिम्मेदार इन निर्देशों को भूल गए। इसे रूटीन मानकर अपने
काम में लग गए। इसी लापरवाही की नतीजा रहा कि बैठक के अगले ही दिन एक व्यक्ति की
जान चली गई।
नगर निगम सभागार में बैठक
करते हुए कमिश्नर ने निर्माण कार्यों के दौरान बैरिकेडिंग को अनिवार्य बताया था।
निर्माण के प्रोटोकाल में भी सुरक्षा के मानकों का पालन करना अनिवार्य है लेकिन एक
पतली पट्टी लगाकर काम किया जाता है।
आमतौर पर निर्माण स्थल को
पूरी तरह से ढकना चाहिए, जिससे उसका असर
आसपास से गुजरने वाले लोगों पर न पड़े लेकिन शहर में हो रहे कार्यों में इसका पालन
नजर नहीं आता। आर्किटेक्ट मनीष मिश्र
बताते हैं कि यदि कहीं गड्ढा खोदना है तो पहले उसकी प्लानिंग हो जानी चाहिए। कब
गड्ढा खुदेगा, कब तक काम होगा और कब उसे दोबारा भर लेंगे। इस
प्लानिंग के अनुसार काम शुरू होने से पहले सुरक्षा की दृष्टि से उसे बैरिकेड करना
चाहिए।
गोरखपुर में लगभग हर
निर्माण स्थल पर यह देखा जाता है कि बिना प्लानिंग के अचानक गड्ढा खोदना शुरू कर
देंगे और सरिया डालकर छोड़ देंगे। उन विभागों को भी कोई सूचना नहीं दी जाती, जिनकी पाइप लाइन नीचे से गई होती है। यही कारण है कि अक्सर
पाइप लाइन टूटने की घटनाएं भी सामने आती हैं।
मानबेला में ट्रंच में
गिरने से हुई थी बालक की मौत
शहर में यह पहली घटना नहीं
है,
जहां विभाग और ठेकेदार की लापरवाही से हादसा हुआ हो। बरसात
के समय एक लड़की खुले नाले में गिर गई थी, जिससे उसकी जान
चली गई। इसी तरह मानबेला में कंपलीशन सर्टिफिकेट पाने के बाद भी ट्रंच खुला था और
उसमें सरिया निकला था, जिससे एक 13 वर्षीय बालक की गिरने से मौत हो गई थी। अब एक और हादसा हो
गया।
PWD के अभियंता
अनदेखा कर देते हैं कमियां
शहर में PWD के कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं लेकिन इनके साइट पर कमियों
को या तो अनदेखा कर देते हैं या फिर वहां जाते ही नहीं। अगर ऐसा न करते तो हर जगह
निर्माण प्रोटोकाल और आला अधिकारियों के निर्देशों का पालन जरूर जरूर नजर आता।
बिना किसी सूचना के काम शुरू कर देना शायद यहां के PWD अभियंताओं की
आदत बन चुकी है।
बिना बताए गड्ढा खोदने से
गोरखपुर-लखनऊ मार्ग पर लग गया था जाम
ऐसी ही लापरवाही का एक और
उदाहरण देखने को मिला था। बिना बताए गड्ढा खोद देने से गोरखपुर लखनऊ मार्ग जाम हो
गया था। पुलिस को जाम खुलवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस की ओर से इसकी
रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इस मामले में भी जेई निलंबित किया गया था। लेकिन उसके
बाद भी अभियंताओं ने सबक नहीं लिया।
फर्म पर एफआईआर हुई
असुरन चौराहे से पादरी बाजार तक की सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। यह काम छात्र शक्ति इंफ्राकंस्ट्रक्शन की ओर से किया जा रहा है। इस फर्म पर एफआईआर दर्ज करा दी गई है। साथ ही संबंधित जेई के निलंबन की संस्तुति हो चुकी है। एई पर विभागीय कार्रवाई होगी। अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।