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Thursday, 11th June, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर के
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में अब हेल्थ इंश्योरेंस धारकों को भी
कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रमुख हेल्थ इंश्योरेंस
कंपनियों और थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA) के साथ समझौता किया है।
इसके बाद मरीजों को भर्ती के समय किसी प्रकार की अग्रिम राशि जमा नहीं करनी होगी।
कुलपति डॉ. के. रामचंद्र
रेड्डी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के बाद अब निजी हेल्थ
इंश्योरेंस पॉलिसी धारकों को भी कैशलेस इलाज का लाभ मिलेगा। मरीजों के भर्ती होने
से लेकर डिस्चार्ज तक का पूरा खर्च संबंधित इंश्योरेंस कंपनी वहन करेगी।
उन्होंने बताया कि पंचकर्म, सर्जरी, हड्डी एवं जोड़
रोग, मोटापा और डायबिटीज से जुड़ी जटिल बीमारियों के उपचार सहित
विभिन्न सेवाएं कैशलेस सुविधा के दायरे में होंगी। मरीजों को केवल अपना हेल्थ
इंश्योरेंस कार्ड और आधार कार्ड साथ लाना होगा। अस्पताल का हेल्प डेस्क और TPA प्रतिनिधि
आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करेंगे।
कुलपति के अनुसार, प्री-ऑथराइजेशन
की प्रक्रिया लगभग 30 मिनट में पूरी कर ली जाएगी। आपातकालीन स्थिति में पूर्व
स्वीकृति के बिना भी मरीज को तत्काल भर्ती करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, स्टार हेल्थ, आईसीआईसीआई
लोम्बार्ड, एचडीएफसी एर्गो, बजाज आलियांज, न्यू इंडिया एश्योरेंस, यूनाइटेड
इंडिया इंश्योरेंस समेत 20 से अधिक
इंश्योरेंस कंपनियों और TPA के साथ कैशलेस
उपचार की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन का दावा है कि
पूर्वांचल के आयुष क्षेत्र में यह अपनी तरह की पहली पहल है, जहां इतनी बड़ी संख्या में इंश्योरेंस कंपनियों की कैशलेस
सुविधा एक ही संस्थान में उपलब्ध कराई गई है। इससे मरीजों को बेहतर और सुलभ
स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
क्या होगा फायदा?
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के. रामचंद्र रेड्डी बोले, अब मरीजों को इलाज के लिए आर्थिक चिंता नहीं करनी पड़ेगी। आयुष्मान भारत के साथ-साथ हेल्थ इंश्योरेंस धारकों को भी कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।