खुले नाले में डूबने से व्यक्ति की मौत, आधे घंटे तक चली तलाश, रस्सी के सहारे निकाला बाहर
रूरल न्यूज नेटवर्क।खुले नाले में
गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने रस्सी के सहारे पानी उतरकर
करीब आधे घंटे की तलाश के बाद बाहर निकाला। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की
मदद से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों
ने मृत घोषित कर दिया।
व्यक्ति की पहचान बिहार के
समस्तीपुर के रहने वाले 40 साल के तेतर
दास के रूप में हुई है। वह पिछले पांच वर्षों से शहर में रह कर कबाड़ बेचने का काम
करता था। घटना शाहपुर इलाके के फातिमा बाईपास स्थित शराब की दुकान के सामने
मंगलवार शाम करीब 5 बजे हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस जर्जर नाले
में गिरने से अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है।शाहपुर इलाके के फातिमा बाईपास के बांसमंडी स्थित देशी शराब
की दुकान के सामने एक करीब 40 साल का व्यक्ति
अचानक खुले और जर्जर नाले में गिर गया। गिरने की आवाज सुनकर लोगों ने ध्यान दिया।
स्थानीय लोगों ने शोर मचाया। देखते- देखते ज्यादा संख्या में भीड़ इकठ्ठा हो गई।
तत्काल पुलिस को इस घटना की
सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही मौके से पहुंची पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने सेमरा के विनोद यादव और पिपराइच के विजय मौर्य को
रस्सी के सहारे नाले में उतारा।करीब आधे घंटे
की तलाश के बाद युवक को बाहर निकाला गया। उसके बाद पुलिस ने मेडिकल कॉलेज भेजा, जहां उसकी मौत हो गई।
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अब तक 3 लोगों की गई जान
आसपास के लोगों ने बताया कि
खजांची चौराहा से लेकर बांसमंडी स्थित गोड़धोइया नाला तक लगभग 300 मीटर खुला यह नाला काफी पुराना और जर्जर स्थिति में हैं।
फोरलेन सड़क चार साल पहले बन गई। लेकिन, एक तरफ का नाला
नहीं बनाया गया। अब तक तीन लोगों की नाला में गिरने से मौत हो चुकी है।
नाला की ओनरशिप किसी ने
नहीं ली है। जल निगम ने इसका कुछ हिस्सा बनाया है। कुछ दिन पहले ही नाले का सिल्ट
निकाल कर सड़क पर रखा गया था लेकिन बैरिकेटिंग नहीं की गई।
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कबाड़ बेचने का काम करता था
सीओ गोरखनाथ
रवि सिंह ने बताया मृतक की पहचान बिहार के समस्तीपुर जिले के तेतर दास के रूप में
हुई है। वह दो साल से फातिमा बाईपास स्थित एचपी पेट्रोल पंप के मैनेजर के कमरे में
रहकर कबाड़ बेचता था। उसकी पत्नी की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। स्वजन को सूचना दे
दी गई है।
थानाध्यक्ष राकेश रोशन सिंह
ने बताया कि मृतक के शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दी गई है। आगे की
कार्रवाई की जा रही है।
पांच साल से घर नहीं गया था
तेतर दास
मृतक तेतर दास के भाई शंभू
दास ने बताया कि उसका भाई गांव के गुड्डू के साथ गोरखपुर गया था। पांच साल से
बिहार के समस्तीपुर जिले के थाना पूसा के ढीगरा गांव नहीं आया था। एक महीना पहले
मेरी बेटी की शादी थी। उसमें आने के लिए तैयार थे लेकिन गुड्डू के मौसा ने नहीं
जाने दिया। भाई की पत्नी और बेटे की मृत्यु हो चुकी है। वह इससे बहुत दुखी रहते
थे। उनकी एक बेटी और दामाद हैं।