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• gorakhpur, cm yogi, Mayor • गोरखपुर / चरगांवा • 28-05-2026

3 साल पूरे होने पर मेयर ने गिनाई उपलब्धि

रूरल न्यूज नेटवर्क गोरखपुर नगर निगम में मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव के 3 साल पूरे हुए। जिसको लेकर नगर निगम सदन हाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान नगर निगम के आधिकारियों ने मेयर को बधाई देते हुए उनका स्वागत किया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेयर ने नगर निगम की तीन वर्षों की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच और मार्गदर्शन में गोरखपुर अब ‘अनुगामी’ नहीं बल्कि ‘अग्रगामी’ महानगर बन चुका है। उन्होंने कहा कि विकास और नवाचार के मामले में गोरखपुर अब दूसरे शहरों का अनुसरण करने वाला नहीं, बल्कि नेतृत्व करने वाला शहर बन गया है।

 सड़क, जलभराव और गंदगी पर पूछे गए सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मेयर से शहर में सड़क, नाली, गंदगी और जलभराव की समस्याओं को लेकर तीखे सवाल भी पूछे गए। इस पर उन्होंने कहा कि- शहर में लगातार निर्माण कार्य चल रहे हैं और जलभराव से निपटने के लिए अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल बनाया गया है। इसके जरिए जलभराव की स्थिति को नियंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ संवेदनशील स्थानों पर लगातार काम चल रहा है। नालियों में गंदगी और जानवर गिरने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह काफी हद तक लोगों के सिविक सेंस पर निर्भर करता है। लोग अपने पशुओं को सड़क पर छोड़ देते हैं, जिससे समस्या बढ़ती है।

ढाई हजार करोड़ की परियोजनाओं का दावा

मेयर ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में नगर निगम ने करीब ढाई हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया है या उन्हें आगे बढ़ाया है। इन योजनाओं के जरिए गोरखपुर को शहरी विकास के नक्शे पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि सड़क, पेयजल, जलनिकासी, स्वच्छता और नगरीय सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में कई बड़े काम हुए हैं। साथ ही ईज ऑफ लिविंग और जॉय ऑफ लिविंग से जुड़ी योजनाओं पर भी काम किया गया है।

 जल शोधन और अर्बन फ्लड मैनेजमेंट बना मॉडल

नगर निगम ने तकियाघाट पर फाइटोरेमेडिएशन तकनीक से जल शोधन की व्यवस्था विकसित की है। पहले शहर का प्रदूषित पानी 15 बड़े नालों से सीधे राप्ती और रोहिन नदी में गिरता था। अब सात नालों का पानी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से शुद्ध किया जा रहा है, जबकि बाकी नालों के लिए प्राकृतिक तकनीक से जल शोधन किया जा रहा है।

मेयर ने बताया कि इस मॉडल की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हुई है और इसे दूसरे शहरों के लिए भी उपयोगी माना जा रहा है।

इसके अलावा अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम के तहत अर्ली वार्निंग सिस्टम और ऑटोमेटिक पंपिंग स्टेशन का मॉडल भी तैयार किया गया है, जिसे नीति आयोग तक से सराहना मिल चुकी है।

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कचरा प्रबंधन में बड़े प्रयोग

नगर निगम ने ‘वेस्ट टू वेल्थ’ और ‘वेस्ट टू आर्ट’ की अवधारणा पर काम करते हुए कई परियोजनाएं शुरू की हैं। सुथनी में 40 एकड़ भूमि पर इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट सिटी का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके जरिए भविष्य में कचरे के निस्तारण के साथ ऊर्जा उत्पादन की भी योजना है। एकला बांध पर वर्षों से जमा कूड़े के पहाड़ को हटाकर वहां राप्ती ईको पार्क विकसित किया गया है, जो अब लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।

आधारभूत सुविधाओं पर जोर

  • नगर निगम ने विभिन्न योजनाओं के तहत सैकड़ों सड़क और नाला निर्माण कार्य कराए हैं।
  • त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 230 करोड़ रुपये से 183 सड़क और नाली निर्माण कार्य हुए।
  • सीवरेज और जल निकासी योजना के तहत 129.85 करोड़ रुपये से 83 नालों का निर्माण कराया गया।
  • 15वें वित्त आयोग के तहत 500 से ज्यादा सड़क, नाली, पेयजल और पथ प्रकाश से जुड़े कार्य हुए।
  • अमृत 2.0 योजना के तहत पेयजल परियोजनाओं पर 81.79 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
  • सीएम ग्रिड योजना के तहत राप्तीनगर और गोलघर में स्मार्ट रोड परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को मिली रफ्तार

स्मार्ट सिटी योजना के तहत कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। इनमें मल्टीलेवल पार्किंग, फूड स्ट्रीट ‘चटोरी गली’, डिजिटल लाइब्रेरी, कंट्रोल एंड कमांड सेंटर, पार्कों का सौंदर्यीकरण और जोनल कार्यालयों का निर्माण शामिल है। इसके अलावा साइंस म्यूजियम, मल्टीपर्पज हॉल, साहित्य पार्क, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और रैन बसेरा जैसी परियोजनाओं को भी मंजूरी मिल चुकी है।

गोवंश संरक्षण और पशु प्रबंधन पर भी काम

ताल नदौर में 2000 गोवंश क्षमता वाली कान्हा गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं गुलहरिया में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर और गैस आधारित पशु शवदाहगृह का निर्माण भी किया गया है।

कई पुरस्कारों से मिली पहचान

नगर निगम को पिछले तीन वर्षों में स्वच्छता में चौथा स्थान मिला। जल संचय जन भागीदारी में देश में तीसरा और प्रदेश में पहला स्थान मिला। गार्बेज फ्री सिटी की फाइव स्टार रैंकिंग, वाटर सर्टिफिकेशन और सफाई मित्र सुरक्षित शहर पुरस्कार भी मिला। इसके अलावा अर्बन फ्लड मैनेजमेंट मॉडल को ग्लोबल वाटर टेक अवार्ड और नीति आयोग की सराहना भी प्राप्त हुई।

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