70% से अधिक मार्क्स लाने वाले मेधावियों का सम्मान, प्रजापति समाज के 200 होनहार स्टूडेंट्स को मेडल से नवाजा
रूरल न्यूज नेटवर्क।गोरखपुर के
हरिओम नगर के वैष्णवी लॉन में प्रजापति स्वाभिमान एसोसिएशन की ओर से एक सम्मान
समारोह का आयोजन किया गया। इस प्रोग्राम में साल 2026 की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और टेक्निकल पढ़ाई की परीक्षाओं में 70% से अधिक नंबर लाने वाले प्रजापति समाज के लगभग 200 होनहार छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथियों के हाथों मेडल, सर्टिफिकेट, स्कूल बैग और
मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
महापुरुषों को याद कर हुई
शुरुआत
प्रोग्राम की शुरुआत दीप
जलाकर और डॉक्टर बी.आर. अंबेडकर, डॉक्टर
रत्नाप्पा कुम्हार और संतराम बी.ए. की तस्वीरों पर फूल चढ़ाकर की गई। इसके बाद
संस्था के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथियों—ए.डी.जे. कमलापति प्रजापति, महंत बालक दास (अयोध्या), वीरेंद्र
प्रजापति, छितेश्वर प्रजापति, डॉक्टर बरदानी प्रजापति, बालकिशुन
प्रजापति और डॉक्टर उमाशंकर प्रजापति का माला पहनाकर स्वागत किया।
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'शिक्षा वो
शेरनी का दूध है जो पियेगा वही दहाड़ेगा'
मंच से बोलते हुए प्रोफेसर
डॉक्टर रामकोमल प्रजापति ने बच्चों से कहा कि वे एक मजबूत इरादे के साथ अपने बड़े
लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जी-जान से जुट जाएं। वहीं महंत बालक दास ने शिक्षा
की अहमियत बताते हुए कहा कि पढ़ाई के दम पर ही कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है, शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो पियेगा वही दहाड़ेगा।
एग्जीक्यूटिव इंजीनियर
राजेश प्रजापति ने कहा कि आजादी के इतने साल बाद भी हमारा समाज मुख्य धारा से पीछे
है। इसलिए बच्चों को पूरी लगन के साथ पढ़ाई करनी चाहिए ताकि सफलता जरूर मिले। इनके
अलावा ए.डी.जे. कमलापति प्रजापति, इंजीनियर
वीरेंद्र कुमार, डॉक्टर विकास चक्रधारी और कुंदन प्रजापति जैसे
कई बड़े अधिकारियों और डॉक्टरों ने भी बच्चों का हौसला बढ़ाया।
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इन होनहार बच्चों को मिला
सम्मान
सम्मान पाने वाले बच्चों
में मुख्य रूप से हाईस्कूल में खुशी प्रजापति, रोशनी, सुनैना, अभय, सृष्टि और रोहन प्रजापति। इंटरमीडिएट में अनुराग प्रजापति, संध्या, विद्या, स्तुति, अंशु और शिवम
प्रजापति। हायर एजुकेशन में पल्लवी प्रजापति और मिताली प्रजापति शामिल हैं।
पूरी टीम की मेहनत से सफल
रहा प्रोग्राम
इस पूरे आयोजन को कामयाब
बनाने में प्रजापति स्वाभिमान एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक ओम प्रकाश प्रजापति के
साथ उनकी पूरी टीम—विनय प्रजापति, राधेश्याम प्रजापति
(टीचर), अजय प्रजापति, अंबिके प्रजापति, चंद्रभान प्रजापति (पार्षद), राधेश्याम प्रजापति (पत्रकार), इंजीनियर सुभाष प्रजापति, धर्मेंद्र प्रजापति, दुर्गा
प्रसाद प्रजापति (बी.डी.ओ.), रामलखन प्रजापति, विवेश, संजय, अविनाश और असरफी लाल प्रजापति समेत सैकड़ों लोगों का
अहम योगदान रहा।