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Sunday, 17th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। दीन दयाल
उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी के इंग्लिश डिपार्टमेंट की ओर से 10 और 11 अप्रैल को
नेशनल सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। ‘वैश्विक परिप्रेक्ष्य में दक्षिण एशिया
की मौखिकता और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियां’ विषय पर एक्सपर्ट्स अपने राय रखेंगे।
इस सेमिनार में देशभर से
रिसर्चर और एकेडमिक स्पेशलिस्ट हिस्सा लेंगे। वे समकालीन वैश्विक संदर्भ में
स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों की बदलती प्रकृति पर विचार-विमर्श करेंगे। इस दौरान 200 से अधिक रिसर्च पेपर ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से प्रेजेंट
किया जाएगा। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन करेंगी।
एक्सपर्ट्स अपने अनुभव
करेंगे सांझा मुख्य वक्तव्य साहित्यिक
आलोचक और सांस्कृतिक चिंतक प्रो. जी. एन. देवी की ओर से प्रस्तुत किया जाएगा। जो
महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा के
पूर्व अंग्रेजी प्रोफेसर रहे हैं। स्वदेशी भाषाओं और संस्कृतियों पर उनके
महत्वपूर्ण कार्य के कारण उनका व्याख्यान सेमिनार की बौद्धिक दिशा निर्धारित
करेगा।
इस अवसर पर अनेक विशिष्ट
विद्वान अपने विचार साझा करेंगे, जिनमें हिंदी
यूनिवर्सिटी कोलकाता की कुलपति प्रो. नंदिनी साहू, आदिवासी और
पुरानी संस्कृतियों के जानकार प्रो. एम. सी. बेहरा, प्रो.
हेमेन्द्र सिंह और गौहाटी यूनिवर्सिटी की प्रो. अंजलि दैमरी चंडालिया शामिल हैं। इनके व्याख्यान
मौखिक परंपराओं, सांस्कृतिक संप्रेषण, ज्ञानमीमांसीय न्याय और वैश्वीकरण के संदर्भ में स्वदेशी
ज्ञान प्रणालियों के रूपांतरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित होंगे।
200 से अधिक रिसर्च
पेपर प्रेजेंट किए जाएंगे
आयोजकों के अनुसार, सेमिनार में 200 से अधिक
शोध-पत्र ऑफ़लाइन और ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत किए जाएंगे। इन शोध-पत्रों में
स्वदेशी कथात्मक परंपराएं, दलित व आदिवासी
ज्ञानमीमांसा, पारिस्थितिक ज्ञान प्रणालियां और मौखिक
संस्कृतियों के संरक्षण में डिजिटल माध्यमों की भूमिका जैसे विविध विषय शामिल हैं।
नए शोध का अवसर मिलेगा
संगोष्ठी की
संयोजक प्रो. सुनीता मुर्मू ने इस आयोजन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह
कार्यक्रम स्वदेशी अध्ययन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप सिद्ध होगा। नए
शोध और सहयोग के अवसर प्रदान करेगा।
सह-संयोजक प्रो. गौरहरि
बेहरा ने कहा कि यह आयोजन साहित्य, मानवविज्ञान, सांस्कृतिक अध्ययन और पर्यावरणीय मानविकी के बीच सार्थक
संवाद स्थापित करेगा। आयोजन सचिव डॉ. अमोद कुमार राय ने बताया कि प्रतिभागियों की
सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं।
परंपरा, संप्रेषण और रूपांतरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित
यह सेमिनार समकालीन वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों की
प्रासंगिकता को समझने एवं उन्हें आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
डीडीयू में कल होगी
मेमोरियल लेक्चर सीरीज
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर
विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में 10 अप्रैल को एक
दिवसीय लेक्चर सीरीज का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रो. के. एस.
भार्गव, प्रो. ए. के. श्रीवास्तव मेमोरियल लेक्चर तथा
प्रो. कमल रिसर्च फाउंडेशन लेक्चर आयोजित होंगे।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. जितेंद्र पांडे उपस्थित रहेंगे। वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. एस. एन. पांडे व प्रोफेसर हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय के पूर्व डीएन और अध्यक्ष प्रो. ए. एन. मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन करेंगी। इस कार्यक्रम में गोरखपुर व आसपास के महाविद्यालयों के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी भाग लेंगे।