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Saturday, 16th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। आयुष विश्वविद्यालय में चल रहे निर्माण कार्यों में
लापरवाही सामने आई है। शासन ने इन कार्यों की विशेष निगरानी शुरू कर दी है।
शिकायतें मिलने पर वरिष्ठ अधिकारी इनकी जांच करा रहे हैं, जिसके बाद बड़ी
कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
विश्वविद्यालय में
प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य निर्धारित समय से काफी देरी से चल रहा है। इसके
अतिरिक्त, किचन सहित कई अन्य कार्य भी लंबित हैं। कमिश्नर और
जिलाधिकारी की पिछली जांच के बावजूद निर्माण कंपनी के अधिकारियों ने लापरवाही बरती
है, जिससे प्रेक्षागृह का काम अभी भी गति नहीं पकड़ पाया है।
हाल ही में, मुख्य राजस्व
अधिकारी (सीआरओ) हिमांशु वर्मा ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ निर्माण
कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की धीमी गति पर नाराजगी
व्यक्त करते हुए सभी अधूरे कामों को निर्धारित समय तक पूरा करने के निर्देश दिए।
कुलपति डॉ. के. रामचंद्र रेड्डी और लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन मनीष सिंह ने भी
एडमिन भवन के निर्माण की प्रगति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने
अधूरे प्रेक्षागृह के निर्माण की धीमी गति देखकर प्रोजेक्ट मैनेजर भुवनेश्वर से
मजदूरों की संख्या कम होने का कारण पूछा। उन्होंने कुटिया की ओर बगीचे में खोदे गए
गड्ढे को तत्काल भरवाने के भी निर्देश दिए।
गौरतलब है कि बीते सप्ताह
कमिश्नर अनिल कुमार ढींगरा और जिलाधिकारी दीपक मीणा ने भी आयुष विश्वविद्यालय का
निरीक्षण किया था। उन्होंने निर्माण कार्यों की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते
हुए सभी अधूरे कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके
बावजूद कार्य की प्रगति में कोई सुधार न होने पर अधिकारियों ने संबंधित
जिम्मेदारों को फटकार लगाई है।
कार्यदाई संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर मुनेश्वर ने बताया कि मैनपावर बढ़ाकर काम पूरा कर लिया जाएगा।