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Wednesday, 10th June, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। जीएम उदय बोरवणकर ने प्रेस
कॉन्फ्रेंस कर वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे के अर्जित किए गए अनेक
उपलब्धिययो को बताया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्वोत्तर रेलवे पर चल रही निर्माण
परियोजनायें के बारे में बताए। उन्होंने कहा कि जो हमारी आधारभूत संरचना है इसको और सुदृढ़ करने के लिए हम
निरंतर नई लाइन बिछाने का काम कर रहे हैं। दोहरीकरण और तिहरीकरण का काम का चल रहा
है। इसमें बहुत अच्छी प्रगति हो रही है।
पिछले साल
पूर्वोत्तर रेलवे ने की है और अब हमारे पास एक चौथी लाइन की परियोजना भी स्वीकृत
होकर आ रही है। इससे हमारे जो उपभोक्ता है उनके लिए काफ़ी सहूलियत मिलेंगे। इसके
साथ ही हम यात्रियों के लिए और गाड़ियां चलाने में सक्षम होंगे। सबसे पहले काम तो इसमें फुट
ओवरब्रिज का निर्माण तेजी से हो रहा है। इस दिवाली के पहले तक उसको पूरा करने का
टारगेट है।
उसके साथ साथ
और भी डेवलपमेंट के काम पूरा किए जाएंगे। क्योंकि ये चलता हुआ स्टेशन है और कार्य
बंद किए गाडि़यों का आवागमन जो है उसको बिना रोके हमको ये काम पूरा करना है। किसी वजह से हमें थोड़ा फेस मैनर में काम करना
होता है। अब हम बिल्डिंग का काम भी जल्द शुरू कर रहे हैं। उसके बाद फिर वो अन्य
काम हैं जो मल्टीलेवल पार्किंग का काम है लगभग कंप्लीट कर लिया गया है शीघ्र ही वो
चालू हो जाएगा।
पत्थरबाजों पर कसेंगे नकेल
जी वंदे भारत
में ज्यादा शिकायत देखने को मिलती है। हम लोग लोग निरंतर पटरियों केदोनों तरफ
फेन्सिंग लगाने का काम करें कर रहे हैं। लगभग 250 किलोमीटर हमने पिछले
वित्तीय वर्ष में काम किया है। इस वर्ष भी बहुत तेजी से काम किया जाएगा। मेरा
आपलोगों के माध्यम से निवेदन है लोगों को कि- ये हमारी देश की संपत्ति है इतनी
अच्छी गाडी मिली है। सबको गर्व है इसके ऊपर। इस पर तो छती न पहुचाएं।
नई लाइन निर्माण परियोजना:
सहजनवा से
दोहरीघाट तक लगभग 81 किमी लंबी नई रेल लाइन बनाई जा रही है, जिससे गोरखपुर
के दक्षिणी क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके पूरा होने पर अयोध्या और
लखनऊ जाने के लिए एक नया वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा। इसी तरह
आनंदनगर-महराजगंज-घुघली रेल लाइन से महराजगंज जिला मुख्यालय सीधे रेल नेटवर्क से
जुड़ जाएगा और गोरखपुर जंक्शन पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। पनियहवा से तमकुही रोड
तक नई लाइन बनने से कुशीनगर-पडरौना क्षेत्र में भी विकास को गति मिलेगी।
रेल लाइन
क्षमता बढ़ाने के लिए तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण पर भी तेजी से काम हुआ है।
बुढ़वल-गोंडा रूट पर तीसरी लाइन का काम पूरा हो चुका है, जिससे ट्रेनों की संख्या
बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं बाराबंकी-बुढ़वल और औंड़िहार-वाराणसी सिटी रूट पर भी
तीसरी लाइन को मंजूरी दी गई है।
दोहरीकरण के
क्षेत्र में भी गोरखपुर को खास फायदा मिला है। गोरखपुर कैंट से वाल्मीकिनगर तक रेल
लाइन को डबल किया जा रहा है, जिससे ट्रेनों का संचालन और सुगम होगा। इसके अलावा
गोरखपुर-नकहा जंगल समेत कई रेलखंडों पर दोहरीकरण और विद्युतीकरण का काम पूरा किया
गया है, जिससे यात्रा
तेज और सुविधाजनक बनी है।
चालू होंगी नई ट्रेन सेवा
नई ट्रेन
सेवाओं की बात करें तो गोरखपुर को वंदे भारत एक्सप्रेस की सुविधा मिली है, जो गोरखपुर से
पाटलिपुत्र के बीच चलाई जा रही है। इसके अलावा कई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का
संचालन शुरू किया गया है, जिससे दिल्ली, बिहार और अन्य प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी
बेहतर हुई है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में स्पेशल ट्रेनों का
संचालन भी किया गया, जिससे यात्रियों को राहत मिली।
स्टेशन विकास
के तहत गोरखपुर मंडल के कई स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अमृत भारत
स्टेशन योजना के तहत कई स्टेशनों को बेहतर सुविधाओं से लैस किया जा रहा है,
जिससे
यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
कवच ने संभाला मोर्चा
सुरक्षा के
क्षेत्र में रेलवे का प्रदर्शन बेहतर रहा है। पूरे वर्ष कोई बड़ी दुर्घटना नहीं
हुई। ट्रैक के किनारे फेंसिंग, फुट ओवरब्रिज का निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग जैसी
आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। इसके अलावा “कवच” जैसी स्वचालित ट्रेन
सुरक्षा प्रणाली लागू करने का काम भी शुरू हो चुका है, जिससे ट्रेनों की सुरक्षा
और मजबूत होगी।
पर्यावरण संरक्षण के लिए रेलवे ने सौर ऊर्जा पर विशेष जोर दिया है। रेलवे स्टेशनों और भवनों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिससे बिजली की बचत के साथ राजस्व में भी कमी आएगी। कर्मचारियों की सुविधाओं को भी बेहतर बनाया गया है। गोरखपुर के ललित नारायण मिश्र रेलवे अस्पताल में नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिनमें फार्मेसी ब्लॉक, आईसीयू और इमरजेंसी भवन शामिल हैं।