गोरखपुर : वरिष्ठ नागरिक दिवस के मौके पर प्रबुद्ध वर्ग चौपाल ने किया बुजुर्गों का सम्मान, सम्मानित हुए ओम प्रकाश मिश्र (82 साल),रामाराव (88 साल), सीताराम यादव, के एन शुक्ल, उमाशंकर चंद, ब्रह्मदेव पाण्डेय, रवींद्र मोहन तिवारी, कमलाकांत श्रीवास्तव, प्रोफेसर
गोरखपुर : लाइन शिफ्टिंग के नाते जनप्रिय, हनुमंतनगर, मोती पोखरा, बशारतपुर, नीनाथापा,करीम नगर और सूबा बाजार फीडर वाले क्षेत्र में 5 घंटे ठप रहेगी बिजली.
रेडियो
टीवी
आप यहाँ हैं :Home /
गोरखपुर /
चरगांवा
/ वरिष्ठ नागरिक दिवस पर प्रबुद्ध...
• desk
•
गोरखपुर / चरगांवा
• 22-08-2026
वरिष्ठ नागरिक दिवस पर प्रबुद्ध वर्ग चौपाल में हुआ बुजुर्गों का सम्मान
वरिष्ठ नागरिक दिवस पर
प्रबुद्ध वर्ग चौपाल में हुआ बुजुर्गों का सम्मान
गोरखपुर। लगभग पाँच वर्षों
से असुरन चौराहे के निकट मेडिकल कालोनी स्थित रेलयूनियन नेता सुभाष दुबे का आवासीय
परिसर जिस प्रबुद्ध वर्ग चौपाल का लगातार साक्षी बना हुआ है वही आज वरिष्ठ नागरिक दिवस के
मौके पर एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें उम्र के लगभग सात या आठ दशक बिता चुके लोगों को मोमेंटों, शाल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित बुजुर्ग / भूतपूर्व युवा
इस
मौके पर आयोजन की परंपरा का पूर्ववत निर्वहन हुआ। उपस्थित बुजुगों ने अपने हुनर का
पूरे जोशो-खरोश के साथ प्रदर्शन किया। अमूमन जीवन के साठ बसंत देख चुके लोगों को
वरिष्ठ नागरिक या बुजुर्ग कहा जाता है। लेकिन यहाँ प्रबुद्ध वर्ग चौपाल में
व्यवहृत संविधान के तहत उन्हे भूतपूर्व युवा से संबोधित किया जाता है। लिहाजा यहाँ
शुक्रवार को हुए आयोजन में लगभग अस्सी से अधिक बसंत अपनी जिंदगी में देख चुके भूतपूर्व
युवाओं तथाकथित बुजुर्गों ओम प्रकाश मिश्र (82 साल),रामाराव (88 साल), सीताराम यादव,
के एन शुक्ल, उमाशंकर चंद, ब्रह्मदेव पाण्डेय, रवींद्र मोहन तिवारी, कमलाकांत श्रीवास्तव,
प्रोफेसर मुरलीधर, शरद मणि त्रिपाठी, सुधाकर तिवारी और भरतदेव सिंह को सम्मानित किया
गया। सभी सम्मानित जनों को प्रबुद्ध वर्ग चौपाल के करताधर्ता सुभाष दुबे, आयोजन के
बैकबोन रेलवे भर्ती बोर्ड के अवकाश प्राप्त चेयरमैन और एक्सिलेन्स एकेडमी के संस्थापक
बकरीदन और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के लोकगायक राकेश श्रीवास्तव के हाथों सम्मानित किया
गया।
सम्मान
समारोह से पहले कविता और गीत-गवनई ने माहौल को संगीतमय बना दिया।
संगीतकार शरदमणि त्रिपाठी को सम्मानित करते बकरीदन, सुभाष दुबे और कीर्तिनिधि पाण्डेय .
कवि आचार्य मुकेश
की समसामयिक रचना और उमेश त्रिपाठी के काव्यपाठ ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्र मुग्ध
कर दिया। कुइयां के ठंडा पानी जैसे अमर गीत के रचनाकार रामाराव जी और के एल शुक्ल के
गीतों ने जहां माहौल को जीवंत बनाया वहीं कवियित्री वंदना मिश्र ने अपनी भावपूर्ण रचनाओं
से सभी को भावविभोर कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के लोकगायक राकेश श्रीवास्तव ने
कजरी घर से चला गुजरिया, झूला खेले बरसात में.. गाकर माहौल में सावनी एहसास पैदा कर
दिया।
कार्यक्रम
की अध्यक्षता कर रहे कमलाकांत श्रीवास्तव ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की धरोहर है
और उनका अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने प्रबुद्ध वर्ग चौपाल के उद्देश्यों
पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम प्रायोजक बकरीदन तथा संयोजक सुभाष दुबे ने सभी आगंतुकों
का स्वागत किया। इस दौरान अगस्त माह में जन्मे राकेश सिन्हा, कीर्ति निधि पांडे, सरिता
मिश्र, श्याम सुंदर हसलोना और वंदना मिश्र को मोमेंटों और माला पहनाया गया। इस अवसर
पर वरिष्ठ पत्रकार शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव, सपा नेता कीर्तिनिधि पाण्डेय, समाजसेवी
बृजेशराम त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार कामिल खान, काशी नरेश चौबे, सुनील बहल, अरुण श्रीवास्तव,
अष्टभुजा पाण्डेय, परमात्मा सिंह, हरिश्चंद्र, मुरलीधर, गिरजानंद सिंह, ओम प्रकाश श्रीवास्तव,
रूरल न्यूज नेटवर्क संवाददाता सुब्रत पाण्डेय, rnn कौड़ीराम न्यूज के एडिटर संतोष
त्रिपाठी सोनू, वीडियो जर्नलिस्ट डॉ राजन, खेल पत्रकार संजय वर्मा आदि सहित सैकड़ों विषय
प्रेमी मौजूद रहे। समूचे कार्यक्रम का संचालन चौपाल के स्थायी संचालक शिवेंद्र पाण्डेय
ने किया जबकि आभार ज्ञापन विनोद पाण्डेय ने किया।
Share On :
×
22:05
गोरखपुर : पुरवाई लोककला सम्मान-2026 से नवाजे गए लोकगायक रामदरश शर्मा और पवन पंछी
गोरखपुर : उत्तर प्रदेश गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के पूर्वाञ्चल अध्यक्ष बने सरदार जगनैन सिंह 'नीटू'
राप्तीनगर वार्ड 80 की पार्षद पूनम सिंह बनी नगर निगम की उपसभापति
रजत राय बने अखिल भारतीय फार्मसिस्ट एसोसिएशन के गोरखपुर जिला महासचिव
गोरखपुर : वरिष्ठ नागरिक दिवस के मौके पर प्रबुद्ध वर्ग चौपाल ने किया बुजुर्गों का सम्मान, सम्मानित हुए ओम प्रकाश मिश्र (82 साल),रामाराव (88 साल), सीताराम यादव, के एन शुक्ल, उमाशंकर चंद, ब्रह्मदेव पाण्डेय, रवींद्र मोहन तिवारी, कमलाकांत श्रीवास्तव, प्रोफेसर