-
Friday, 12th June, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर में
मुहर्रम के चांद के साथ इस्लामी कैलेंडर के नए साल 1448 हिजरी की
शुरुआत होगी। मंगलवार की शाम चांद देखा जाएगा। चांद नजर आने के बाद 17 या 18 जून से नया
इस्लामी साल शुरू होगा। इसी बीच तुर्कमानपुर स्थित मकतब इस्लामियात में ‘अल्लाह पर
यकीन और अच्छा इंसान बनने की राह’ विषय पर संगोष्ठी हुई। इसमें वक्ताओं ने अल्लाह
पर भरोसा रखने, अच्छे कर्म करने और इंसानियत की राह पर चलने का
संदेश दिया।
तहरीक उलमा-ए-हिंद के
चेयरमैन मुफ्ती खालिद अय्यूब मिस्बाही ने कहा कि अल्लाह पर यकीन इंसान को मुश्किल
परिस्थितियों का सामना करने की ताकत देता है। हर परेशानी के बाद आसानी आती है।
इंसान को हमेशा अच्छे कर्म करते हुए दूसरों की मदद करनी चाहिए। अच्छा इंसान बनने के
लिए व्यवहार में विनम्रता, दया और
ईमानदारी जरूरी है।
अच्छे विचार और अनुशासन से
बनता है बेहतर इंसान
संगोष्ठी की
अध्यक्षता करते हुए राजस्थान के अरबाज रजा कादरी ने कहा कि लोगों को दूसरों के
दुख-दर्द को समझना चाहिए। किसी को तकलीफ पहुंचाने के बजाय माफ करने की आदत अपनानी
चाहिए। अच्छे विचार, सकारात्मक सोच
और अनुशासन इंसान को बेहतर बनाते हैं। चिश्तिया
मस्जिद बक्शीपुर के इमाम मौलाना महमूद रजा कादरी ने बताया कि मुहर्रम इस्लामी
कैलेंडर का पहला महीना है। चांद दिखने के बाद नया साल शुरू होगा। यौमे आशूरा यानी
दसवीं मुहर्रम 26 या 27 जून को पड़ेगी।
इमामबाड़ा इस्टेट से
निकलेंगे शाही जुलूस
सब्जपोश हाउस
मस्जिद जाफरा बाजार के इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि मुहर्रम में इबादत, रोजा और नेक कामों की खास अहमियत है। लोगों को अमन और आपसी
भाईचारा बनाए रखते हुए कार्यक्रम करने चाहिए।
समाजसेवी नेहाल अहमद ने बताया कि मुहर्रम शुरू होते ही शहर में कर्बला के शहीदों की याद में महफिल और मजलिस शुरू होंगी। इमामबाड़ा इस्टेट मियां बाजार से 5, 9 और 10 मुहर्रम को शाही जुलूस निकालने की परंपरा है। इसके अलावा शहर के अलग-अलग इमाम चौकों से भी जुलूस निकाले जाएंगे।