-
Wednesday, 10th June, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। भारतीय जनता
पार्टी द्वारा चलाए जा रहे “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” अभियान के तहत सर्किट हाउस
में महिला सशक्तिकरण विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में अधिनियम के प्रावधानों, उद्देश्यों और
इसके सामाजिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता
के रूप में एम्स गोरखपुर की डायरेक्टर डॉ. विभा दत्ता और प्रसिद्ध अधिवक्ता रूपल
त्रिपाठी मौजूद रहीं। इसके अलावा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय अध्यक्ष अमीता गुप्ता, संध्या त्रिपाठी, रागिनी जायसवाल, मीना श्रीवास्तव, रानी मिश्रा
मौजूद रहीं।
डॉ. विभा दत्ता ने अपने
संबोधन में कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं है, बल्कि महिलाओं को समाज में सम्मान और मजबूत भागीदारी देने
की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि जब तक महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, राजनीति और
आर्थिक क्षेत्र में बराबर भागीदारी नहीं होगी, तब तक देश का
पूर्ण विकास संभव नहीं है। उन्होंने आगे
कहा कि आज की महिला केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देश
के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऐसे में यह अधिनियम उन्हें नीति
बनाने और फैसले लेने की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर देगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र का
उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं तो समाज में
जागरूकता और सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होती है। अधिवक्ता रूपल त्रिपाठी ने कहा कि यह अधिनियम भारतीय
लोकतंत्र को और अधिक मजबूत और समावेशी बनाने में मदद करेगा।
उन्होंने बताया कि इससे
महिलाओं को राजनीति में अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा और उनकी आवाज को उचित स्थान
मिलेगा।
रूपल त्रिपाठी ने आगे कहा
कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारतीय लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं सशक्त बनाने
की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है।
इस अधिनियम के माध्यम से
महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में सशक्त भागीदारी का अवसर मिलेगा, जिससे नीति निर्माण में उनकी आवाज और दृष्टिकोण को उचित
स्थान प्राप्त होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि संविधान ने महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिया है, लेकिन असली सशक्तिकरण तब होगा जब उन्हें निर्णय लेने में बराबरी से शामिल किया जाएगा। यह अधिनियम उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।