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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क।
थाईलैंड की रानी चौखुन फ्रा सीनी
नाथा फ्रीलात कल्याणी रॉयल नोबल कांसोर्ट दो दिवसीय यात्रा पर कुशीनगर पहुंचीं। गुरुवार
सुबह उन्होंने भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर विशेष पूजा-अर्चना की और भगवान
बुद्ध की लेटी प्रतिमा पर चीवर चढ़ाई।
रानी सुबह 7:30 बजे थाई
मोनेस्ट्री से सीधे महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचीं। यहां 7:40 बजे से विशेष पूजा और चीवर
दान का कार्यक्रम संपन्न हुआ, जो 8:11 बजे तक चला। इस दौरान उनके साथ थाईलैंड से आए
लगभग 25 लोग भी मौजूद थे।
पूजा के बाद, रानी और
उनके दल ने रामभार स्तूप का भी दौरा किया। कसया के एसडीएम डॉ. संतराज सिंह बघेल ने
पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कसया तहसीलदार धर्मवीर सिंह और राजस्व
टीम भी उपस्थित थी। रानी ने रामभार स्तूप में आधे घंटे से अधिक समय बिताया, जहां बौद्ध
भिक्षु फ्रा सोमदेज ने पूजा कराई।
सुबह 9:30 बजे रानी का
काफिला कुशीनगर से महराजगंज होते हुए नेपाल के लुम्बिनी के लिए रवाना हो गया। वे भारत-नेपाल
सीमा पर सोनौली, महराजगंज स्थित थाई टेम्पल में भोजन के लिए रुकेंगी, जिसके बाद वे
नेपाल में भगवान बुद्ध की जन्मस्थली का दर्शन करेंगी।
रानी चौखुन फ्रा सीनी
नाथा फ्रीलात कल्याणी रॉयल नोबल कांसोर्ट बुधवार को 70 सदस्यीय दल के साथ सड़क मार्ग
से कुशीनगर पहुंची थीं। इस दल में थाईलैंड के पूर्व उप प्रधानमंत्री बोर्न वोर्न साक
उवाननो भी शामिल थे।
रानी के आगमन से एक दिन पहले, मंगलवार को ही थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री बोर्न वोर्न साक उवाननो 10 सदस्यीय टीम के साथ उनके स्वागत के लिए कुशीनगर पहुंच गए थे। बुद्ध मार्ग से लेकर थाई मंदिर तक सड़क मार्ग पर सैकड़ों लोगों ने पुष्प वर्षा कर और थाई राष्ट्र का झंडा दिखाकर रानी का स्वागत किया। पुष्पगुच्छ भेंट करने के बाद रानी सीधे थाई मोनेस्ट्री पहुंचीं, जहां उन्होंने उपोसथ हॉल में पूजा-अर्चना की और भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर छतरी चढ़ाई।