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• gorakhpur, cm yogi, cold day, Ragging, BRD Medical College • गोरखपुर / चरगांवा • 28-05-2026

BRD मेडिकल कॉलेज में रैगिंग, 18 सीनियर छात्र एक महीने के लिए सस्पेंड, 25-25 हजार का जुर्माना

रूरल न्यूज नेटवर्क बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का एक गंभीर मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर 18 सीनियर छात्रों को एक महीने के लिए कॉलेज से सस्पेंड कर दिया गया है।

इसके साथ ही इन सभी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इन पर साल 2025 बैच के जूनियर छात्रों को प्रताड़ित करने का आरोप है। इसके अलावा इसी बैच के 5 अन्य छात्रों पर भी कार्रवाई हो सकती है, जिन पर सीनियरों का साथ देने का इल्जाम है।

बुधवार को हुई एंटी रैगिंग कमेटी की मीटिंग में यह कड़ा फैसला लिया गया। सस्पेंड होने वाले 18 छात्रों में से 10 छात्र साल 2024 बैच के हैं, जबकि बाकी छात्र 2023 और 2022 बैच के हैं। इसके अलावा कमेटी ने दो रेजिडेंट छात्राओं को भी इस मामले में वार्निंग नोटिस जारी करने का फैसला किया है।

UGC और NMC तक पहुंची थी शिकायत

मामला तब सामने आया जब पीड़ित छात्रों में से किसी ने इसकी लिखित शिकायत नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) और यूजीसी को ईमेल के जरिए भेजी। शिकायत में कहा गया था कि 12 से 14 मई की रात राजेंद्र हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ बेहद बदतमीजी की गई, उन्हें गालियां दी गईं और मानसिक रूप से परेशान किया गया। ई-मेल में 18 छात्रों के नाम दिए गए पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि सीनियर छात्र आए दिन हॉस्टल में आकर उन्हें घंटों जबरन खड़ा रखते हैं, उनके साथ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हैं और उन्हें डराते-धमकाते हैं। इस ईमेल में रैगिंग करने वाले 18 छात्रों के नाम साफ-साफ लिखे थे, जिसके बाद एनएमसी ने तुरंत हरकत में आते हुए कॉलेज मैनेजमेंट को जांच और एक्शन के ऑर्डर दिए।

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NMC के सख्त रुख के बाद हुई कार्रवाई

 एनएमसी से ईमेल मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन 23 मई को एक्टिव हुआ। जूनियर छात्रों से पूछताछ और बयानों के बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने मंगलवार को भी एक मीटिंग की थी, लेकिन उसमें कोई आखिरी फैसला नहीं हो सका।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार को एनएमसी की तरफ से एक और सख्त ईमेल आया, जिसमें फौरन कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया था। इसके बाद कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रामकुमार जायसवाल की अगुवाई में एंटी रैगिंग कमेटी की एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई।

इस मीटिंग में MBBS फर्स्ट ईयर के पीड़ित छात्रों और आरोपी सीनियर छात्रों, दोनों को आमने-सामने बुलाकर पूछताछ की गई। कमेटी ने सिर्फ छात्रों को सस्पेंड और फाइन ही नहीं किया, बल्कि उनके माता-पिता को भी कॉलेज बुलाकर सख्त हिदायत और चेतावनी दी है।

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