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Saturday, 16th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। पक्कीबाग स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सिख धर्म के नौवें
गुरु गुरु तेग बहादुर का जयंती बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर स्कूल के स्टूडेंट्स को हिंदू धर्म की रक्षा के
लिए उनके बलिदान और समर्पण को विस्तार से बताया गया। प्रोग्राम में स्टूडेंट्स ने
बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। और महान बलिदानी की कहानी सुनने के लिए उत्सुकता दिखाई। मुख्य वक्ता
अमर सिंह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर सिख पंथ के नौवें गुरु थे, जिन्होंने 'धर्म की रक्षा' और 'मानवीय मूल्यों' के लिए मुगलों के अत्याचार के खिलाफ संघर्ष किया।
उस समय के मुगल शासक
औरंगजेब इस्लाम स्वीकार न करने पर उन्हें प्रताड़ित करता था। गुरुतेग बहादुर
हजारों हिंदुओं के धर्मपरिवर्तन को रोकने के आगे बढ़ें।
उन्हें रोकने के लिए दिल्ली
के चांदनी चौक पर उनकी हत्या कर दी गई। आज उसी पावन स्थान पर गुरुद्वारा शीश गंज
साहिब सुशोभित है, जो उनके अदम्य
साहस और बलिदान का प्रतीक है।
विद्यार्थियों को वीरता का
संदेश
कार्यक्रम के समापन पर
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह ने गुरु तेग बहादुर जी को नमन करते हुए
कहा कि गुरु जी का जीवन हमें निर्भयता और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने की प्रेरणा
देता है।
उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे गुरु जी की वीरता और उनके त्याग को अपने जीवन में उतारें और राष्ट्र व धर्म की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहें। इस शुभ अवसर पर उप प्रधानाचार्य राम केवल शर्मा, मंजरी यादव सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।