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gorakhpur, cm yogi, Bhaskar Vishwakarma 06-Jun-2026 03:31 PM

मशहूर मूर्तिकार भास्कर विश्वकर्मा ने मृत्यु के बाद शरीर को एम्स को दान करने का लिया निर्णय, सभी प्रक्रिया पूरी, लिखित सहमति दी

रूरल न्यूज नेटवर्क गोरखपुर के मशहूर मूर्तिकार और सुभसा स्कल्पटर्स फाउण्डेशन के अध्यक्ष भास्कर विश्वकर्मा ने समाज के लिए मिसाल पेश की है। उन्होंने मृत्यु के बाद अपना शरीर एम्स गोरखपुर को दान करने का संकल्प लिया है। उन्होंने देहदान से जुड़ी सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी की और लिखित सहमति दी। उनके इस फैसले से भविष्य में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों और शोध कार्यों में मदद मिलेगी।

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देहदान करने के फैसले को लेकर भास्कर विश्वकर्मा ने कहा कि इंसान को जीवन में समाज के लिए कुछ न कुछ जरूर करना चाहिए। मृत्यु के बाद अगर शरीर चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा के काम आ सके तो इससे बड़ी बात कुछ नहीं हो सकती। उनके देहदान से मेडिकल छात्रों को शरीर की संरचना समझने और बेहतर डॉक्टर बनने में मदद मिलेगी।

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समाज में जागरूकता बढ़ाने की कोशिश

भास्कर विश्वकर्मा के इस कदम को समाज में देहदान को लेकर जागरूकता फैलाने वाली पहल माना जा रहा है। आज भी कई लोग जानकारी की कमी के कारण देहदान से दूर रहते हैं। ऐसे में उनका यह फैसला दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर सकता है।

भास्कर विश्वकर्मा लंबे समय से कला और सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं। वह सुभसा स्कल्पटर्स फाउण्डेशन के माध्यम से मूर्तिकला के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से मूर्तिकला का प्रशिक्षण लिया है। अपनी मेहनत और कला के प्रति लगन से उन्होंने मूर्तिकार के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

साधारण परिवार से निकलकर आगे बढ़े

भास्कर विश्वकर्मा ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई प्राइमरी पाठशाला भटिया से की। इसके बाद जनता शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज दुबारी से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। बचपन से ही कला के प्रति उनकी रुचि रही और इसी क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए उन्होंने अपनी पहचान बनाई।

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