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Friday, 15th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। शादी का झांसा देने वाली लुटेरी दुल्हन को चिलुआताल थाने की
पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस गैंग के 7 आरोपियों को
पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है।
राजस्थान के युवक से झूठी
शादी कराई गई थी। इसके बाद गैंग सभी सदस्यों ने मिलकर राजस्थान के दूल्हे और उसके
परिवार के लोगों को बंधकर बनाकर लाखों रुपये लूट लिए थे। इस घटना के बाद से ही
झूठी शादी करने वाली दुल्हन फरार चल रही थी।
पकड़ी गई आरोपी की पहचान
बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र के मेहुली निवासी नीलम सिंह के रूप में हुई है।
वह गोरखपुर के रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित रुस्तमपुर राजीव नगर कॉलोनी में पिछले दो
साल से रह रही थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने
गिरोह के साथ मिलकर अंतर्राज्यीय लोगों को शादी का झांसा देकर बुलाती थी और फिर
उन्हें बंधक बनाकर उगाही, लूट की घटना को
अंजाम देती थी।
नाम बदलकर करती
थी नीलम काम
पुलिस जांच में सामने आया
कि नीलम सिंह खुद को ‘रेखा’ नाम से परिचित कराती थी। पति से विवाद के बाद वह अलग
रह रही थी और शहर के एक एनजीओ से जुड़कर महिलाओं को बीमारियों के प्रति जागरूक
करने का काम करती थी।
मकान मालिक को उसने बताया
था कि वह मॉल में नौकरी करती है। इसी दौरान उसकी पहचान गोरखनाथ क्षेत्र की रहने
वाली शैला देवी से हुई, जो
हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह के गिरोह से जुड़ी हुई थी। पैसों की लालच में दोनों ने
फर्जी शादी कर लोगों को फंसाने की साजिश रची।
पुलिस ने मंगलवार को आरोपी
महिला को रामगढ़ताल थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। देर शाम आरोपी महिला को
कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरातस में जेल भेज दिया गया।
सात आरोपी पहले ही जा चुके
हैं जेल
इस मामले में पुलिस पहले ही
सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह, हरियाणा निवासी राजू शर्मा, धीरेन्द्र यादव
उर्फ टुनटुन, रवि चौधरी, मुन्ना जायसवाल, नवमी शर्मा और शैला देवी शामिल हैं। मुख्य आरोपी नीलम सिंह
की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसकी कथित मुंहबोली बहन और गिरोह से जुड़े अन्य
लोगों की तलाश में जुटी है।
गैंग का सरगना हिस्ट्रीशीटर
बनता था फर्जी इंस्पेक्टर
चिलुआताल इलाके के शातिर
हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह ने फर्जी शादी के जरिए पैसे हड़पने की योजना बनाई थी। इसके
लिए वह खुद फर्जी इंस्पेक्टर बना और अपने चार साथियों को ट्रेनिंग देकर पुलिस का
कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल बना दिया। इसके साथ ही नाचने गाने वाली लड़कियों को
अधिक पैसा दिखाकर दुल्हन बनाने के लिए तैयार किया। साथ ही रिश्तेदार के रूप में एक
महिला को मौसी का रोल दिया था।
हिस्ट्रीशीटर ने अपनी योजना
का अंजाम तक पहुंचाने के लिए हरियाणा के दलाल राजू शर्मा को भी अपनी टीम में शामिल
किया। राजू हरियाणा, राजस्थान के
अधिक उम्र के कुंवारे लड़कों को खोजता था। उन्हें बिहार और यूपी में अच्छी शादी
कराने का विश्वास दिलाता था। शादी के लिए
तैयार होने पर राजू दूल्हे और उसके परिवार को गोरखपुर के चिलुआताल इलाके में स्थित
अंकुर सिंह के घर पर लाता था। यहां पर बकायदा एक लड़की से जयमाल भी कराया जाता है।
इसके बाद हिस्ट्रीशीटर खुद इंस्पेक्टर और साथियों की फर्जी पुलिस टीम के साथ
एंट्री करता है।
इसके बाद दूसरे राज्यों से
शादी करने आए दूल्हे और परिवार को डरा धमकाकर पैसे वसूलता है। राजस्थान के युवक की
शिकायत के बाद चिलुआताल पुलिस ने इस गैंग का भंडाफोड़ कर दिया। हिस्ट्रीशीटर समेत
पुलिस 7 आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। लूटेरी दुल्हन पुलिस के पहुंचने के पहले ही फरार हो गई थी।
जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी थीं।
13 मार्च को
एफआईआर के बाद पकड़े गए 7 आरोपी
गोरखपुर के चिलुआताल थाने
में 13 मार्च को मुकदमा दर्ज किया
गया था। चिलुआताल थाने की पुलिस ने शनिवार को 7 आरोपियों की
गिरफ्तार किया। वहीं दुल्हन फरार हो गई थी।
गिरोह के सदस्यों ने
राजस्थान के युवक को एक सुंदर लड़की फोटो दिखाकर जाल में फंसाया था। इसके बाद
गोरखपुर बुलाकर उस लड़की से जयमाल भी कराया गया। इसके बाद पुलिस बनकर रोपियों ने 3.11 लाख रुपये वसूले लिए थे। आरोपियों की पहचान चिलुआताल क्षेत्र के उसका गांव निवासी
हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह, कुड़वा के
धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन, सोनबरसा के रवि
चौधरी, मोहरीपुर के मुन्ना जायसवाल, कुड़वा के नवमी शर्मा, गोरखनाथ
क्षेत्र के बिलंतपुर खंता की शैला देवी और हरियाणा के फरीदाबाद निवासी राजू शर्मा
के रूप में हुई। इनके पास से पुलिस ने करीब 1 लाख 65 हजार रुपये भी बरामद किया है। इसके अलावा कूटरचित पुलिस
परिचय पत्र व 2 आधार कार्ड भी मिले हैं। सभी आरोपियों को पुलिस
पूछताछ के बाद जेल भिजवा दी।
बेहद शातिर है हिस्ट्रीशीटर
अंकुर
एसपी नॉर्थ
ज्ञानेंद्र कुमार ने शनिवार को पुलिस लाइन व्हाइट हाउस में प्रेस वार्ता करते हुए
बताया कि शादी का झांसा देकर अंतरराज्यीय लोगों को गोरखपुर बुलाया जाता था। इसके
बाद पुलिस बनकर दूल्हे और उनके परिजनों को बंधक बनाकर वसूली की जाती है।
इसमें चिलुआताल का
हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह बहुत ही शातिर है। वह खुद इंस्पेक्टर बनता था, जबकि उसके साथ धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन, रवि चौधरी, मुन्ना जायसवाल, नवमी शर्मा कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल बनते थे। इसके लिए
हिस्ट्रीशीटर ने उन्हें ट्रेनिंग दी थी। ये गैंग बाहर के लोगों को शादी का झांसा
देकर बुलाते थे, फिर उन्हें बंधक बनाकर पैसे वसूलते थे।
शादी करने की लालच में आया
था राजस्थान का युवक
एसपी नॉर्थ ने
बताया कि राजस्थान के कोटा के मुकेश मीणा अपने भाई ब्रहमोहन मीणा की शादी खोज रहे
थे। दलाल राजू शर्मा ने गोरखपुर की एक लड़की की फोटो दिखाकर शादी तय कराई थी। इसके
बाद उन्हें दलाल राजू शर्मा 12 मार्च 2026 को गोरखपुर लेकर आया था। परिवार शादी के लिए गहने और पैसे
भी साथ लाया था।
चिलुआताल इलाके के
हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह के घर शैला देवी शादी के लिए एक लड़की को लेकर आई थीं।
शैला देवी खुद को दुल्हन की मौसी बताई थीं। यहीं पर उस लड़की से ब्रजमोहन की शादी
कराई गई। शादी होते ही अंकुर वहां
पुलिस इंस्पेक्टर बनकर पहुंचा। उसके साथ उसके साथी सिपाही बनकर पहुंचे थे।
उन्होंने ब्रजमोहन मीणा को पकड़ लिया। इसके बाद पूरे परिवार को धमकाते हुए बंधक बना
लिया। अंकुर बोला कि फर्जी शादी करते हो, तुम्हें जेल
भिजवाएंगे। डरा धमका कर उनसे पैसे की डिमांड की। इसी बीच ब्रजमोहन ने कोटा फोन
मिलाकर अपनी पत्नी को जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पैसे भेजो, हम लोगों को बंधक बनाया गया है। इस तरह आरोपियों ने मिलकर रुपये वसूल लिए। आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में चिलुआताल थाना प्रभारी सूरज सिंह, शैलेंद्र कुमार, चंदन नारायन, विनय कुमार सिंह, राक जायसवाल, विकास यादव, अमरजीत यादव, गुलफाम यादव, सत्येंद्र चौहान, सोनू कुमार, शिव शंकर, रेखा मौर्या, छाया पांडेय शामिल रहे।