गोरखपुर महोत्सव का दूसरा
दिन विज्ञान आधारित
प्रदर्शनी , अंतरिक्ष से जुड़े
प्रदर्शन , सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और
व्यापारिक गतिविधियों से भरा रहा। सुबह
10 बजे के बाद से ही
लोगों की भीड़ बढ़ने लगी।
सप्ताहांत होने के
कारण दोपहर तक
बच्चों , युवाओं और
परिवारों की उपस्थिति
बढ़ गई और शाम होते -होते परिसर
में भीड़ का दबाव और
बढ़ा।
आयोजकों के अनुसार
दूसरे दिन लोगों
की संख्या पहले
दिन की तुलना
में अधिक रही।
मोहोत्सव परिसर में
विज्ञान प्रदर्शनी , प्लैनेटोरियम ,
स्टॉल , मंचीय कार्यक्रम
और बच्चों के
खेल क्षेत्र के
आसपास लगातार गतिविधि
बनी रही।
नवाचार , तकनीक और शिक्षा
का संगम
विज्ञान प्रदर्शनी
मोहोत्सव की मुख्य
गतिविधियों में शामिल
रही। शहर के कई स्कूलों ,
कॉलेजों और तकनीकी
संस्थानों ने अपने
नवाचार आधारित वैज्ञानिक
प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए। प्रदर्शनी
में ऊर्जा संरक्षण ,
पर्यावरण प्रबंधन , जैव संरक्षण ,
स्वास्थ्य सुरक्षा , अंतरिक्ष विज्ञान ,
ऑटोमेशन , AI और रोबोटिक्स
जैसे विषयों पर
आधारित मॉडल लगे।
विद्यार्थियों
ने सरल भाषा
में अपने प्रोजेक्ट
की अवधारणा और
उपयोगिता समझाई और
सवालों के जवाब दिए। शिक्षकों
का मानना है
कि इस तरह के आयोजन
से बच्चों की
वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ती है
और विज्ञान विषय
का व्यावहारिक पक्ष
समझ में आता है।
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रोबोटिक डॉग ‘विदुत ’ दिनभर
तकनीकी उत्साह का केंद्र
किपम कॉलेज के
विद्यार्थियों द्वारा निर्मित
रोबोटिक डॉग ‘विदुत ’
सबसे चर्चित मॉडल
बना। यह इलेक्ट्रो -मैकेनिकल सिस्टम , कैमरा
और सेंसर आधारित
मॉडल है। ‘विदुत ’
पर विद्यार्थियों ने
बताया कि मॉडल पर लगातार
कई महीनों तक
काम किया गया
और आगे इसमें
वॉयस कमांड और
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फीचर्स
जोड़े जाएंगे।
बच्चों ने इसे
बार -बार चलवाया
जबकि युवाओं ने
इसकी तकनीकी संरचना
पर चर्चा की।
एक इंजीनियरिंग छात्र
ने कहा फ़ील्ड
में इस तरह के प्रोजेक्ट
से सीखने का
अवसर मिलता है ,
जो केवल कक्षा
में संभव नहीं।
3D में
सौरमंडल और अंतरिक्ष का
अनुभव
प्लैनेटोरियम डोम दिनभर
भीड़ से घिरा रहा। 3D प्रोजेक्शन के
माध्यम से सूर्य ,
ग्रह , उपग्रह , धूमकेतु
और अंतरिक्षीय घटनाओं
को रोचक तरीके
से समझाया गया।
दोपहर के बाद डोम के
बाहर कतारें बढ़ीं
और शो की संख्या बढ़ानी
पड़ी। बच्चों में
अंतरिक्ष विज्ञान को लेकर विशेष उत्साह
देखा गया।
एक अभिभावक ने कहा कि बच्चों
को ग्रहों और
सूर्य की संरचना
किताबों में समझाना
मुश्किल होता है ,
यहां वह दृश्य
रूप में समझ आ गया।
AI और
खगोलिकी ने भी लिया
ध्यान
पिलर्स स्कूल
के विद्यार्थियों ने
AI आधारित मंदिर मॉडल
प्रदर्शित किया। मॉडल
तस्वीर के आधार पर संबंधित
भजन बजाता है।
गोरखपुर नक्षत्रालय की
ओर से लगाए गए सौर
स्कोप पर लोग सूर्य की
सतह और सौर ऊर्जा संबंधी
पहलुओं को समझने
में रुचि दिखाते
रहे। नक्षत्रालय के
प्रतिनिधियों के अनुसार
बच्चों में अंतरिक्ष
अध्ययन की रुचि पिछले वर्षों
में बढ़ी है।
विज्ञान प्रदर्शनी के साथ दिनभर सांस्कृतिक
मंच पर कार्यक्रम
होते रहे। बच्चों
ने आधुनिक नृत्य ,
लोकगीत , वाद्य और
समूह प्रस्तुति दी।
शाम ढलते ही मंच के
सामने भीड़ बढ़ी
और युवा वर्ग
ने फैशन शो ,
समकालीन नृत्य और
समूह कार्यक्रम प्रस्तुत
किए। दर्शकों की
तालियां और उत्साह
लगातार बना रहा।
स्थानीय व्यंजनों के साथ अन्य शहरों
के खाने के विकल्प भी
उपलब्ध रहे। हस्तशिल्प ,
गृह सज्जा , खिलौने ,
कपड़ा और दैनिक
उपयोग की वस्तुओं
वाले स्टॉलों पर
खरीदारी होती रही।
व्यापारियों ने बताया
कि सप्ताहांत और
छुट्टी से बिक्री
में सुधार की
उम्मीद है।
प्रबंधन , सुरक्षा और सुविधा व्यवस्था
व्यवस्थित
प्रवेश द्वार ,
टिकट व्यवस्था , पार्किंग ,
मंच और प्रदर्शनी
क्षेत्र में सुरक्षा
और प्रबंधन व्यवस्था
सुचारू रही। परिसर
में पुलिस , स्वयंसेवक
और स्वास्थ्य विभाग
की टीम मौजूद
रही। दूसरे दिन
कार्यक्रम बिना किसी
बाधा या अव्यवस्था
के चलता रहा।
गोरखपुर मोहोत्सव पिछले कुछ
वर्षों में शहर की पहचान
का हिस्सा बन
चुका है। रामगढ़ताल
क्षेत्र को पर्यटन
और परिवारिक गतिविधियों
के केंद्र के
रूप में विकसित
किया जा रहा है। मोहोत्सव
ने इस क्षेत्र
में गतिविधि और
भागीदारी को गति
दी है। परिवारों ,
बच्चों और युवाओं
की उपस्थिति ने
इसे पारिवारिक और
शैक्षणिक दोनों रूपों
में सार्थक बनाया।