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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर। एक बच्चे में जिज्ञासा होना इसलिए जरूरी होता है ताकि वह आसपास की दुनिया की वास्तविक स्थितियों से रूबरू हो सके। ऐसे ही एक जिज्ञासा ने वार्ड नंबर 73 शिवाजी नगर, हसनगंज, मिर्जापुर निवासी सतीश वैश्य के जीवन में न केवल बड़े बदलाव बदलाव लाए बल्कि वर्ल्ड रिकॉर्ड व 12 नेशनल अवार्ड दिलाकर गोरखपुर का नाम रोशन किया।
सतीश के पिता मोतीलाल वैश्य पेशे से व्यापारी रहे। राजकीय जुबिली इंटर कालेज से इंटर व वर्ष 2007 में इस्लामिया कालेज आफ कार्मस से बी.काम की परीक्षा उत्तीर्ण की स्कूल से लेकर कालेज के समय तक अक्सर सतीश एंबुलेंस को देखकर जिज्ञासु हो जाते थे कि आखिर मिरर शब्दों को कैसे लिखा जाता होगा। वर्ष 2006 में इन्होंने इस्लामिया कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स से लेखन का कोर्स भी किया। लेखन कार्य शुरू किया और शब्दों को लेकर शीशे में देखने का सिलसिला प्रारंभ किया।
काफी प्रयास के छह माह बाद इन्हें सफलता हाथ लग गई। बस फिर क्या सतीश के हौसले इस कदर परवान चढ़ने लगे। जेसीज इंद्रधनुष महोत्सव में गोरखपुर गाट टैलेंट में प्रतिभाग किया जहां इन्हें तीसरा स्थान हासिल हुआ। इसके बाद इंडियाज गाट टैलेंट में भागीदारी करनी चाही लेकिन इन्हें अवसर नहीं दिया गया। सतीश ने बताया कि इससे कुछ निराशा जरूर हुई लेकिन शौक में मैंने कोई कमी नहीं की।
निरंतर अभ्यास जारी रखते हुए मैंने तमाम धार्मिक, राजनीतिक पुस्तकें लिखकर उनका संकलन कर लाइब्रेरी बनाना शुरू कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ तक की किताबों में उनकी जीवनी संकलित की।
हिंदी, अग्रेजी, संस्कृत में
इन पुस्तकों का
किया मिरर लेखन
मिर्जापुर निवासी सतीश वैश्य बचपन से ही प्रतिभा के धनी रहे। जिज्ञासु होने के कारण भले ही बचपन में अभिभावक, रिश्तेदार इनके अनोखे सवालों से परेशान होते थे किंतु यह जिज्ञासु बच्चा अनोखी प्रतिभा का धनी होगा, शायद किसी ने कल्पना भी न की होगी। एंबुलेंस पर लिखे उल्टे शब्दों को देखकर इसने न केवल इस विद्या में दक्षता हासिल की बल्कि तमाम पुस्तकें लिखकर वर्ल्ड रिकॉर्ड से नेशनल तक अपनी प्रतिभा का लोहा भी मनवाया।
सतीश ने श्रीमद् भागवत गीता,
हनुमान चालीसा, मां
काली चालीसा, रामचरित
मानस, दुर्गा चालीसा
का मिरर लेखन
कार्य हिंदी, अंग्रेजी
और संस्कृत भाषा
में किया। इसके
अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी व मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ के
जीवन व कृतित्व
को भी मिरर लेखन पुस्तक
में संकलित किया
है।
13 वर्ष बाद जौहरी
ने तराशा कोहिनूर
हीरा
सतीश के निरंतर प्रयास और हर व्यक्ति से मिलती उपेक्षा के बाद आखिरकार वह दिन भी आ गया जब सफलता ने इनके दरवाजे पर दस्तक दी। वर्ष 2019 में ब्रेवो इंटरनेशनल वर्ल्ड रिकार्ड मुंबई के भारत के प्रतिनिधि डा. दिनेश गुप्ता जैसे जौहरी की नजर फेसबुक के माध्यम से इस प्रतिभा पर पड़ी।
काफी खोजबीन के
बाद डा. गुप्ता
ने सतीश का मोबाइल नंबर
खोजने में न केवल सफलता
हासिल की बल्कि
गोरखपुर आकर प्रेस
क्लब में इन्हें
मीडियाकर्मियों के समक्ष
सम्मान से भी नवाजा। बस
यहीं से सतीश की कला
की धमक बिखरनी
शुरू हो गई। वर्ष 2025 में यह आलम है
कि 6 वर्ल्ड रिकार्ड
व 12 नेशनल अवार्डों
से सतीश वैश्य
से सम्मानित होने
का गौरव प्राप्त
है।
यह मिले अवार्ड
सतीश वैश्य ने बताया कि 21 जुलाई 2019 को आमिर सत्या फाउंडेशन द्वारा एशिया अवार्ड इंटरनेशनल रिकार्डर होल्डर बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। 14 मार्च 2019 को एवरेस्ट वर्ल्ड रिकार्ड, 25 अक्टूबर 2025 को अटल बिहारी सेवा रत्न अवार्ड, वर्ल्ड ग्रेटेस्ट चाप्टर इंडिया रिकार्डस अवार्ड, उत्तर प्रदेश रत्न सम्मान 2019, ओएमजी बुक रिकार्ड, इंटरनेशनल टैलेंट बुक आफ रिकार्ड 2020 जैसे तमाम स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों द्वारा सतीश सम्मानित हो चुके हैं। एमएसएमई फाउंडर ई. प्रदीप कुमार शर्मा द्वारा सम्मानित किया गया। दिल्ली में इंडियाज राइजिंग अवार्ड काजल यादव द्वारा दिया गया।
छत्तीसगढ़ में स्वयं
सिद्धा फाउंडेशन
ने भी सतीश को छत्तीसगढ़
रत्न अवॉर्ड से
सम्मानित किया। अंतरराष्ट्रीय
बौद्ध शोध संस्थान
लखनऊ ने तो उन्हें उत्तर
प्रदेश रत्न सम्मान
2019 में ही दे
दिया था।
एक टीस
सतीश वैश्य के पास भले ही पुरस्कारों की बड़ी श्रृंखला हो किंतु एक टीस इनके दिल में आज भी बरकरार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन व कृतित्व को मिरर लेखन (उल्टे शब्दों) में लिखी पुस्तक को अपने हाथों से भेंट करना चाहते हैं। यह सतीश की हार्दिक की इच्छा है।
सतीश कहते हैं कि तमाम बार गोरखनाथ मंदिर से किताब विमोचन के लिए मुख्यमंत्री के बुलावे का फोन आया किंतु जब भी गया किसी ने मिलने भी न दिया। यह टीस आज भी है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को भी अपने हाथों से उनकी किताब सौंपने की मेरी हार्दिक इच्छा है।
1. अतुल कश्यप, व्यापारी।
व्यापारी अतुल कश्यप
का कहना है कि सतीश
अनोखी प्रतिभा के
धनी हैं। हजारों
में किसी एकाध
को कुछ अलग करने का
विचार मन में आता है।
सतीश को एंबुलेंस
उल्टा दिखा तो उन्होंने रामायण, महाभारत
यहां तक की प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी के व्यक्तित्व व कृृतित्व
को उल्टा लिखकर
पूरी एक किताब
बना दी। आज नेशनल से
लेकर प्रदेश स्तर
तक अपनी प्रतिभा
के माध्यम से
गोरखपुर का नाम रोशन किया।
2. डा दिनेश गुप्ता,
गिनीज बुक ऑफ़ द वर्ल्ड
रिकॉर्ड होल्डर।
डा. दिनेश गुप्ता ने सतीश की उपलब्धि पर बधाईयां देते हुए आगे और तरक्की की राह पर चलने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज भले ही सतीश को नेशनल और वर्ल्ड स्तर पर ख्याति मिल गई हो किंतु प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को इस प्रतिभा के बारे में विचार करना चाहिए।
आज युवाओं में
प्रतिभाओं की कमी
नहीं है लेकिन
शील्ड तो सम्मान
दिला देते हैं
लेकिन रोजगार इस
प्रतिभा का गला घोंट देती
है। यह भारत हित में
नहीं है, सरकार
को इस पर विचार करने
की जरूरत है।