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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय
की ओर से गुरुवार को कार्यपरिषद
की बैठक हुई।
जिसकी अध्यक्षता कुलपति
प्रो. पूनम टंडन
ने की। बैठक
में विश्वविद्यालय के
एकेडमिक और प्रशासनिक
सुधार से जुड़े
कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों
को स्वीकृति प्रदान
की गई।
इस दौरान सेल्फ
फाइनेंस डिपार्टमेंट में
असिस्टेंट प्रोफेसर (संविदा) की
नियुक्ति के प्रस्ताव
को मंजूरी दे
गई। स्वीकृत प्रस्ताव
के अंतर्गत कुल
23 पदों पर असिस्टेंट
प्रोफेसर की नियुक्ति
की जाएगी जिसमें
कंप्यूटर साइंस एंड
इंजीनियरिंग (CSE) में 12 पद,
फार्मेसी में 5 पद,
कृषि में 4 पद
और बी.कॉम.
(बैंकिंग और इंश्योरेंस)
में 2 पद शामिल
है।
स्टूडेंट्स
को मिलेगा क्वालिटी एकेडमिक
गाइडेंस
इस अवसर पर
कुलपति प्रो. पूनम
टंडन ने कहा कि इन
नियुक्तियों से सेल्फ
फाइनेंस कोर्सेज में
शिक्षण व्यवस्था और
अधिक सुदृढ़ होगी
और विद्यार्थियों को
गुणवत्तापूर्ण अकादमिक मार्गदर्शन प्राप्त
होगा।
उन्होंने कहा कि
विश्वविद्यालय रोजगारपरक और व्यावसायिक
पाठ्यक्रमों के प्रभावी
संचालन के लिए निरंतर प्रयासरत
है और यह निर्णय अकादमिक
गुणवत्ता को नई
गति प्रदान करेगा।
‘प्रोफेसर
ऑफ प्रैक्टिस’ की होगी नियुक्ति
बैठक में शासन
के निर्देशों के
अनुरूप ‘प्रोफेसर ऑफ
प्रैक्टिस’ की नियुक्ति
प्रक्रिया से भी
कार्यपरिषद को अवगत
कराया गया।
लोगो में विश्वविद्यालय के
नाम लिखने में बदलाव
इसके अतिरिक्त, कार्य परिषद
ने विश्वविद्यालय के
लोगो में विश्वविद्यालय
के नाम के लेखन में
महत्वपूर्ण परिवर्तन को भी स्वीकृति प्रदान की
गई। अब विश्वविद्यालय
का नाम DDU Gorakhpur University के स्थान
पर Deen Dayal Upadhyaya
Gorakhpur University लिखा जाएगा।
12 महाविद्यालयों
को 28 पाठ्यक्रमों की स्थायी सम्बद्धता
कार्यपरिषद ने सम्बद्धता
समिति के निर्णय
के क्रम में
12 महाविद्यालयों को कुल
28 पाठ्यक्रमों हेतु स्थायी
सम्बद्धता प्रदान करने
के प्रस्ताव को
मंजूरी दी। साथ ही, एक
महाविद्यालय को एक
वर्ष का अस्थायी
विस्तार भी स्वीकृत
किया गया।
यह निर्णय उच्च शिक्षा के मानकों को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।