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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने एक दिव्यांग फरियादी को अपने स्कोर्ट की गाड़ी से
एसएसपी ऑफिस पहुंचाया। दिव्यांग रिंका जनसुनवाई के दौरान डीएम से मिलने पहुंची। उन्होंने अपनी समस्या सुनाई तो डीएम ने इसे पुलिस का मामला बताया। उन्होंने
तुरंत मामले के निस्तारण के लिए एसएसपी से बात की और फरियादी को अपनी स्कॉर्ट की
गाड़ी से एसएसपी ऑफिस भिजवाया।
यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फरियादी रिंका का कहना है कि डीएम ने उनके
पिता से मिलवाने का आश्वाशन दिया है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि मदद मिलेगी।
गोरखपुर में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सुबह दस बजे से ऑफिस पहुंच कर जनसुनवाई
की। इस दौरान उन्होंने फरियादियो की एक-एक करके समस्या को सुनकर संबंधित अधिकारियो
को निस्तारण के निर्देश दिया।
कौड़ीराम की रहने वाली रिंका उर्फ नैना पांडेय जिलाधिकारी के पास एक समस्या
लेकर पहुंची। उन्होंने डीएम से कहा कि मेरे पिता को हैदराबाद में कहीं छिपा दिया
गया है। भाभी और उनके बच्चे मुझे मिलने नहीं देते।
मेरे पिता मानसिक रूप से बीमार हैं। मुंबई में एक कमरे की उनकी एक प्रॉपर्टी
है। उसे अपने नाम लिखवा लिया है। 5 महीने से मुझे दौड़ाया जा रहा है। न तो फोन से बात हो रही है और न ही मुझे उनका
पता बताया जा रहा है।
मेरी मां इस दुनिया में नहीं हैं। मैं बस अपने पिता से एक बार मिलना चाहती
हूं। उनका हाल पता जानना चाहती। यहां तक कि मैं उनसे मिलने के लिए एक बार मुंबई भी
जा चुकी हूं फिर मिल नहीं पाई।
रिंका की समस्या सुनकर डीएम ने कहा कि यह पुलिस का मामला है। उन्होंने एसएसपी
से बात करके मामले के निस्तारण के निर्देश दिए। इस मामले की सबसे खास बात यह रही
कि डीएम ने अपने स्कोर्ट की गाड़ी से फरियादी नैना पांडेय को एसएसपी के पास भेजा।
जो शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग जिलाधिकारी की तारीफ करते नजर आ
रहे। वहीं इस संबंध में दिव्यांग फरियादी रिंका ने कहा मुझे जिलाधिकारी ने आश्वसन
दिया है कि मुझे मेरे पिता से मिलवाया जायेगा। इसके लिए जिला प्रशासन व जिलाधिकारी
को धन्यवाद देते है।