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Sunday, 17th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। पुलिस ने 6 मरीज माफियाओं को
गिरफ्तार किया है। जिनमें सरकारी एम्बुलेंस ड्राइवर से लेकर, ईएमटी, दो अस्पतालों के
मैनेजर और प्राइवेट एम्बुलेंस ड्राइवर शामिल हैं। सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज
दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक ये सभी इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की मदद
से परिजनों को बरगलाकर मरी हुई बच्ची का इलाज कराने के नाम पर प्राइवेट हॉस्पिटल
में भर्ती कराने की तैयारी में थे। और BRD मेडिकल कॉलेज के
मेन गेट सामने एक प्राइवेट एम्बुलेंस में बैठा रहे थे। तभी गार्डों ने उन्हें पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के मुताबिक 5 से 10 हजार रुपए तक का
कमीशन के पाने के लिए ईएनटी और सरकारी एम्बुलेंस ड्राइवर प्राइवेट हॉस्पिटल से
संपर्क कर मरीजों भेजते थे। गुलरिहा पुलिस ने
मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 14 अप्रैल को
सिद्धार्थनगर जिले से गंभीर हालत में बच्ची को 108 सरकारी एम्बुलेंस
से बीआरडी मेडिकल कॉलेज लाया गया था।
500 नंबर बेड के बाल रोग संस्थान में ईएमटी वेद
प्रकाश और चालक राहुल ने बच्ची को दिखाया, जहां चिकित्सकों ने
उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों बच्ची को बाहर ले आए और परिजनों से कहा कि
उसकी हालत गंभीर है और वेंटिलेटर भी खाली नहीं है।
इसलिए पहचान के निजी अस्पताल में भर्ती करा दें। डरे-सहमे
परिजनों की सहमति मिलने पर ईएमटी वेद प्रकाश (निवासी भागलपुर, थाना पीपीगंज) और राहुल (निवासी कटुई, थाना ललिया, जिला बलरामपुर) ने
तारामंडल स्थित सानवी अस्पताल के मैनेजर राहुल शर्मा को फोन किया।
प्राइवेट एम्बुलेंस में बैठाते हुए गार्डों ने पकड़ा
राहुल शर्मा ने
दूरी का हवाला देकर फातिमा रोड स्थित गौरी अस्पताल के मैनेजर अंकित शुक्ला को
जानकारी दी। इसी दौरान सानवी अस्पताल की एम्बुलेंस के चालक गुंजेश यादव ने बीआरडी
गेट के पास स्थित शौचालय के बाहर बच्ची को निजी एम्बुलेंस में बैठाने का प्रयास
किया। तभी गार्डों ने पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दे
दी। पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने बचने के लिए आनन-फानन में मृत बच्ची की दोबारा
पर्ची तक कटवा दी, ताकि कार्रवाई से बच सकें।
5 से 10 हजार रुपए कमीशन लेते थे
पूछताछ में सामने आया कि राहुल शर्मा (निवासी गाईबेला, थाना सिकरीगंज) के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज
हैं और उसकी अंकित शुक्ला (निवासी पकड़ी मिसरा, थाना कटया, जिला गोपालगंज) से मिलीभगत है। दोनों देवरिया, संतकबीरनगर और
सिद्धार्थनगर के कई सरकारी एम्बुलेंस चालकों से साठगांठ कर मरीजों को निजी
अस्पतालों में भेजते थे। इसके बदले ईएमटी और चालक 5 से 10 हजार रुपये तक कमीशन लेते थे।
इसके बाद निजी एम्बुलेंस चालक गुंजेश यादव (निवासी बंधवा, थाना रामकोला, जिला कुशीनगर) और
अमन पांडेय (निवासी घोरही, थाना महुली, जिला संतकबीरनगर)
मरीजों को बीआरडी से निजी अस्पताल तक पहुंचाने का काम करते थे।
बीआरडी प्राचार्य की तहरीर पर दर्ज हुआ केस
बीआरडी प्राचार्य रामकुमार जायसवाल की तहरीर पर गुलरिहा पुलिस ने बुधवार देर रात निजी एम्बुलेंस चालक व अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच में सभी आरोपियों की संलिप्तता सामने आने पर गुरुवार सुबह बीआरडी के सीआरसी बिल्डिंग के पीछे से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।