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Saturday, 16th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर में मसीही समाज ने प्रभु यीशू मसीह को
समर्पित दिन गुड फ्राइडे श्रद्धापूर्वक मनाया। इस अवसर पर दोपहर 12 बजे से चर्चों और गिरजाघरों में विशेष
प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। इन सभाओं में चर्च के फादर ने यीशू की क्रूस पर
कही गई सात वाणियों के बारे में लोगों को बताया।
बड़हलगंज स्थित मसीही कलीसिया चर्च में दोपहर 12 बजे से लोगों ने शांत रहकर प्रार्थना की। इसके
बाद एक आराधना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी
लोगों ने मिलकर प्रभु यीशू मसीह की प्रार्थना की और उनकी महिमा में गीत गाए।
कुछ स्थानों पर गुड फ्राइडे के दिन ईसा मसीह के
जीवन की अंतिम घटनाओं और उनके बलिदान को नाटकों या झांकियों के माध्यम से भी
दर्शाया गया।
मसीही कलीसिया चर्च के पास्टर फादर रामनाथ ने
अपने उपदेश में कहा कि यह दिन सादगी का प्रतीक है। इसी दिन ईसा मसीह को सूली पर
चढ़ाया गया था। उन्होंने मानवता के कल्याण के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था, इसलिए यह दिन उनके प्रेम और त्याग की याद
दिलाता है। उन्होंने बताया कि यह दिन जश्न मनाने का नहीं, बल्कि शांति और आत्मचिंतन का है। इस दिन लोग
अपने गलत कार्यों को याद करते हैं और ईसा मसीह से क्षमा याचना करते हैं। लोग कम
बोलते हैं और दिन को सादगी से बिताते हैं।
गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। ऐसी मान्यता है कि यह दिन ईसा मसीह के बलिदान को स्मरण करने के लिए मनाया जाता है, जब उन्हें सूली पर चढ़ाया गया था। गुड फ्राइडे, ईस्टर से ठीक पहले आता है और कुछ जगहों पर इसे ब्लैक फ्राइडे भी कहा जाता है। इस दिन दुनिया भर के ईसाई श्रद्धा और शांति के साथ प्रार्थना करते हुए यीशु के कष्टों को याद करते हैं।