नगर निगम के वाहन चालकों के लिए सख्त निर्देश, लापरवाह ड्राइवर होंगे बर्खास्त, यूनिफॉर्म नहीं पहनने पर कटेगी सेलरी
रूरल न्यूज नेटवर्क।नगर निगम के वाहन विभाग की समीक्षा बैठक में
व्यवस्था सुधारने को लेकर नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवल ने सख्त रुख अपनाया। बैठक
में साफ कहा गया कि जो ड्राइवर अपने काम में लापरवाही कर रहे हैं, उन्हें तुरंत हटाया जाएगा। उनकी जगह नए और
जिम्मेदार कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा, ताकि काम प्रभावित
न हो और व्यवस्था बेहतर बन सके।
ड्रेस कोड अनिवार्य, नहीं मानने पर वेतन कटेगा
वाहन चालकों के लिए ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म
पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी ड्रेस
में नहीं मिलेंगे, उनके वेतन में कटौती की जाएगी। इस कदम का मकसद
अनुशासन बनाए रखना और कर्मचारियों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ाना है।
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609 वाहनों का डेटा और
बीमा 7 दिन में पूरा करने का लक्ष्य
नगर निगम के सभी 609 वाहनों का पूरा
रिकॉर्ड अपडेट रखने और उनका बीमा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन
वाहनों का बीमा अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें अगले 7 दिनों के भीतर कवर करना अनिवार्य किया गया है।
साथ ही बड़े वाहनों का बीमा नवीनीकरण भी तुरंत कराने को कहा गया है।
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हर वाहन को मिलेगा
यूनिक आईडी, एप से जुड़ेंगे सभी रिकॉर्ड
अब हर वाहन को एक यूनिक आईडी नंबर दिया जाएगा
और उसे एक विशेष एप्लीकेशन से जोड़ा जाएगा। इससे किसी भी वाहन की पूरी जानकारी एक
क्लिक पर आसानी से मिल सकेगी। यह कदम पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए उठाया
गया है।
पीले रंग में ही
आएंगे नए कूड़ा कलेक्शन वाहन
बैठक में यह भी तय किया गया कि नगर निगम में
आने वाले नए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन केवल पीले रंग के ही होंगे। इससे शहर
में इन वाहनों की पहचान आसान होगी और व्यवस्था अधिक व्यवस्थित दिखेगी।
महेवा वर्कशॉप जल्द
शुरू, वहीं होगी वाहनों की धुलाई
महेवा स्थित वर्कशॉप के निर्माण कार्य को जल्द
पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके शुरू होने के बाद सभी वाहनों की धुलाई और
मेंटेनेंस की व्यवस्था भी वहीं की जाएगी, जिससे काम अधिक
सुचारु रूप से हो सके।
वीटीएमएस सिस्टम
में सुधार और कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर
वाहनों की निगरानी के लिए उपयोग किए जा रहे व्हीकल
ट्रैकिंग सिस्टम में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वाहनों की
कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों ने साफ कहा कि यदि व्यवस्था
में सुधार नहीं हुआ, तो
जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।