Default left Ad
Default right Ad
gorakhpur, cm yogi, color 11-Jun-2026 02:35 PM

धड़ल्ले से हो रहा रंग मिली चायपत्ती का उपयोग, स्वास्थ्य के लिए खतरनाक, खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकानदारों को जारी किया नोटिस

रूरल न्यूज नेटवर्क आप सड़क किनारे चाय की चुस्की के शौकीन हैं तो सावधान। इस समय ऐसे अधिकतर दुकानदार सस्ते के चक्कर में खुली चाय की पत्ती का उपयोग कर रहे हैं। इस चाय की पत्ती में अखाद्य रंग मिला है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से ऐसी लगभग 5 दुकानों पर जांच की गई। वहां से सैंपल लेकर चाय की पत्ती की जांच की गई। प्राथमिक जांच में उसमें रंग मिलने की पुष्टि हुई है। इसमें कौन सा केमिकल मिला है, यह जानने के लिए सैंपल लैब में भेजा जाएगा।

मिलावटखोरों ने चाय को भी नहीं छोड़ा। रोड साइड की दुकानों पर ऐसी चाय की पत्ती की आपूर्ति की जा रही है, जिसमें रंग मिला है। इस रंग के चलते चाय में कम चाय पत्ती के बावजूद गहरा रंग आ जाता है। जिसे अच्छी चाय बताकर बेचा जा रहा है। लेकिन यह चाय अंदर से नुकसान पहुंचा सकती है। लगातार सेवन से गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।

Image Source Here...

 बट्‌टे का रंग हो रहा सफेद

जिस बट्‌टे में चाय दी जा रही है, कुछ घंटे बाद जिस हिस्से में चाय रखी रहती है, वह पूरी तरह सफेद हो जाता है। यह बात खाद्य सुरक्षा विभाग को भी पता चली। उसके बाद शास्त्री चौक के क्षेत्र में चाय की दुकान लगाने वाले पांच दुकानदारों के यहां जांच की गई। उनकी चाय की पत्ती को ठंडे पानी में डाला गया। पानी में चाय की पत्ती डालते ही पत्ती ने रंग छोड़ दिया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जब ठंडे पानी में रंग छूट रहा है तो पानी को गर्म करने पर भी यह स्थिति आती होगी। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से उचित नहीं है।

एक साल पहले नौसढ़ में भी मिली थी रंग मिली चाय की पत्ती

एक साल पहले भी नौसढ़ में बड़े पैमाने पर रंग मिली चाय की पत्ती मिली थी। सही मायने में यह चाय की पत्ती थी ही नहीं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे जब्त कर लिया था। दुकानदार के विरुद्ध कोर्ट में वाद चल रहा है। इसमें मिला रंग खतरनाक था।

जानिए क्या कहते हैं अधिकारी

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डा. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि कुछ दुकानों पर जांच कराई गई है। वहां खुली चाय की पत्ती का इस्तेमाल किया जा रहा था। प्राथमिक दृष्टि से इसमें रंग मिले होने की बात सामने आयी है। सभी दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है। कहां से सप्लाई हो रही थी, इसका पता लगाया जाएगा। चाय की पत्ती में कौन सा केमिकल मिला है, इसकी जांच के लिए सैंपल को लैब भेजा जाएगा। दुकानदारों से खुली चाय का प्रयोग न करने को कहा गया है।

Static Fallback middleAd2 Ad

अपने ज़िले और उसके गांवों की खबरें जानने के, लिए जुड़े हमसे अभी

×