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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
गोरखपुर में समायोजन
सूची को लेकर सोमवार को
शिक्षकों में नाराजगी
उभरकर सामने आई।
दोपहर से ही सैकड़ों शिक्षक जिला
बेसिक शिक्षा अधिकारी
(BSA) कार्यालय पहुंचे और
समायोजन प्रक्रिया पर
सवाल उठाते हुए
विरोध जताया। प्रदर्शन
के दौरान शिक्षकों
ने नारेबाजी भी
की।
प्रदर्शन के बीच शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने BSA को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि
जारी सूची गंभीर
विसंगतियों से भरी
है और इसे तत्काल स्थगित
कर आपत्तियां आमंत्रित
की जाएं। शिक्षकों
ने कहा कि बिना आपत्तियों
का निस्तारण किए
प्रक्रिया आगे बढ़ाना
उचित नहीं होगा।
दिव्यांग शिक्षकों को दूरस्थ भेजे
जाने का आरोप
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि दिव्यांग महिला/पुरुष शिक्षकों, वरिष्ठ महिला शिक्षकों, गंभीर बीमारी से ग्रसित शिक्षकों और पारिवारिक परिस्थितियों से प्रभावित शिक्षकों को दूरस्थ विद्यालयों में भेज दिया गया है, जबकि अपेक्षाकृत नए शिक्षकों को निकटवर्ती विद्यालयों में बनाए रखा गया। ज्ञापन में विभाग के ‘सरल शिक्षक’ चिन्हन पर भी प्रश्न उठाया गया। शिक्षकों ने कहा कि किन शासनादेशों के आधार पर चिन्हन हुआ, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि 26 दिसंबर 2025 के विकल्पों के आधार पर समायोजन होता तो विवाद नहीं पनपता।
उच्च न्यायालय के आदेश का
हवाला देकर आपत्ति
शिक्षकों ने पिछले
साल उच्च न्यायालय
के आदेश का हवाला दिया,
जिसमें सरकार को
समायोजन संबंधी स्पष्ट
नियम बनाने को
कहा गया था। शिक्षकों का कहना है कि
बिना नियम के समायोजन करना न्यायालय
आदेश की अवमानना
है और प्रक्रिया
नियम विरुद्ध मानी
जाएगी।
शिक्षकों ने मांग की कि विभाग समायोजन संबंधी मानक, प्राथमिकता और बिंदु स्पष्ट करे। उसके बाद आपत्तियों की सुनवाई कर विवेकपूर्ण तरीके से समायोजन किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग न माने जाने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।