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gorakhpur, cm yogi, SDRF 02-Apr-2026 02:26 PM

लड़की को बचाने में किशोर डूबा, SDRF ने शुरू किया रेस्क्यू, पिता का रो-रो कर बुरा हाल

रूरल न्यूज नेटवर्क लड़की को डूबने से बचाने के दौरान 14 साल का एक किशोर खुद नदी में डूब गया। यह दर्दनाक घटना राजघाट इलाके के तकिया घाट पर बुधवार दोपहर करीब 4 बजे हुई। बताया जा रहा है कि किशोर ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में कूदकर लड़की को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद वह खुद गहरे पानी में चला गया और लापता हो गया। SDRF, पुलिस और गोताखोरों की कई टीमें मौके पर पहुंचकर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी अभी तक किशोर का कोई पता नहीं चल सका है।

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बसंतपुर खास के रहने वाले विवेक बुधवार को अपने एक दोस्त के साथ तकिया घाट गए थे। उसी दौरान गांव की एक मानसिक रूप से कमजोर लड़की अचानक नदी में कूद गई। उसे देख विवेक ने बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगा दी। काफी प्रयास के बाद उसने लड़की को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उसकी जान बचा ली, लेकिन खुद गहरे पानी में फंस गया और डूबने लगा। देखते ही देखते वह नदी में डूब गया।

घटना के समय विवेक के साथ मौजूद उसका दोस्त घबरा गया और मौके से भाग गया। उसने इस बारे में किसी को तुरंत जानकारी नहीं दी। देर शाम उसने अपने घरवालों को पूरी बात बताई, जिसके बाद यह सूचना विवेक के परिवार तक पहुंची। खबर मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया और परिजन तुरंत घाट की ओर दौड़े।

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रातभर चली खोजबीन, कोई सुराग नहीं मिला

सूचना मिलने के बाद विवेक के परिजन और गांव के लोग बड़ी संख्या में तकिया घाट पहुंचे। सभी ने मिलकर देर रात तक नदी किनारे और आसपास के इलाके में तलाश की, लेकिन विवेक का कोई पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण खोजबीन में काफी दिक्कत आई।

इसके बाद घटना की जानकारी प्रशासन को दी गई, जिसके बाद गुरुवार सुबह SDRF की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के साथ मिलकर नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इसके अलावा प्रशिक्षित गोताखोरों को भी लगाया गया है, जो नदी के अंदर गहराई तक जाकर तलाश कर रहे हैं। टीम लगातार अलग-अलग स्थानों पर खोजबीन कर रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।

घर में पसरा मातम

 घटना के बाद से तकिया घाट पर स्थानीय लोगों की भीड़ लगी हुई है। हर कोई विवेक के बारे में जानने को बेचैन है। विवेक के लापता होने की खबर से उसके परिवार में कोहराम मच गया है। पिता विजेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल है। मां शिल्पी और अन्य परिजन सदमे में हैं। परिवार के लोग बार-बार यही कह रहे हैं कि उसने दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। तीन भाइयों में सबसे बड़ा था विवेक विवेक बसंतपुर खास का रहने वाला था और गांव के ही सरकारी स्कूल में कक्षा 5 में पढ़ता था। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके पिता नगर निगम में सफाई कर्मी हैं, जिनकी आय से घर चलता है। ऐसे में परिवार की कई उम्मीदें विवेक से जुड़ी थीं।

इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। लोग विवेक की बहादुरी की चर्चा कर रहे हैं कि उसने बिना अपनी जान की परवाह किए एक लड़की को बचाया। वहीं दूसरी ओर उसके लापता होने से हर कोई दुखी और चिंतित है। लापता किशोर की तलाश जारी आपदा प्रबंधन अधिकारी गौतम गुप्ता ने बताया कि NDRF- SDRF, पुलिस और गोताखोरों की टीम लगातार किशोर की तलाश में लगी हुई है। जैसे ही उसे ढूंढ लिया जाएगा, आगे की प्रक्रिया पूरी कर परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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