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Sunday, 17th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MPIT) में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू होने जा रहा है। यह पूर्वी
उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा सेंटर होगा, जिसे टाटा
कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) के सहयोग से
बनाया गया है।
इसका उद्घाटन 15 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
करेंगे। इस कार्यक्रम में टीसीएस एवं टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन भी मौजूद
रहेंगे। इस मौके पर MPIT ने एआई फॉर आल
ट्रेनिंग ट्रेनिंग वर्कशॉप शुरू करने की तैयारी की है।
इसके लिए 5 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। यह वर्कशॉप 60 दिन की होगी और पूरी तरह मुफ्त होगी। इसमें आर्टिफिशियल
इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी की जानकारी दी जाएगी। यह पहल MPIT, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, टाटा कंसल्टेंसी सर्विस और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय
के साथ मिलकर चलाई जाएगी।
ट्रेनिंग वर्कशॉप के लिए
पंजीकरण शुरू
MPIT के निदेशक सुधीर अग्रवाल ने
बताया- ट्रेनिंग वर्कशॉप के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। इसका लिंक MPIT की वेबसाइट पर उपलब्ध है। 9 अप्रैल तक
पंजीकरण किया जा सकता है।
एआई अवेयरनेस फॉर आल के साथ
ही किसानों और कृषि विद्यार्थियों के लिए ‘एआई अवेयरनेस फॉर फार्मर्स’ वर्कशॉप के
लिए पंजीकरण शुरू किया गया है। इसमें एक हजार किसानों और कृषि विद्यार्थियों को
जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। वर्कशॉप पूर्णतः निशुल्क है और इसका शुभारंभ भी 15 अप्रैल को होगा।
एआई अवेयरनेस तथा साइबर
सिक्योरिटी अवेयरनेस प्रोग्राम में एआई का परिचय, जेनेरेटिव एआई
टूल्स, प्रॉम्प्टिंग एंड प्रोडक्टिविटी, रिस्पांसिबल एआई यूज, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड एंड
ओटीपी सेफ्टी और सेफ डिजिटल प्रैक्टिसेज के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण प्राप्त
होगा।
जबकि एआई अवेयरनेस फॉर
फार्मर्स वर्कशॉप में कृषि में एआई, मौसम और फसल
योजना, डिजिटल फार्मिंग टूल्स और रूरल प्रोडक्टिविटी
सपोर्ट के बारे में विस्तार से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
50 करोड़ रुपए की
लागत से बना सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट
ऑफ टेक्नोलॉजी (MPIT) में टीसीएस के
सहयोग से पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित हुआ है। इसे विश्व स्तरीय
मानक के अनुरूप विकसित किया गया है।
इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
कॉम्प्लेक्स में ड्रोन टेक्नोलॉजी एंड थ्री डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस
टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्युरिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कुल
छह तरह के पाठ्यक्रम (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर
सिक्युरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस
टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग समेत एकीकृत पाठ्यक्रम)
संचालित होंगे।
बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में
हर पाठ्यक्रम के लिए एक अलग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा। MPIT के निदेशक सुधीर अग्रवाल के अनुसार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के
ढांचागत निर्माण पर 19.35 करोड़ रुपए, फर्नीचर व फर्निशिंग पर 2.40 करोड़।
ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर पर 1.84 करोड़, एआई सेंटर पर 9.56 करोड़, स्पेस
टेक्नोलॉजी सेंटर पर 2.09 करोड़, साइबर सिक्योरिटी सेंटर पर 6.19 करोड़ और थ्री
डी प्रिंटिंग सेंटर पर 6.79 करोड़ रुपये
खर्च हुए हैं।
MPIT से 15 अन्य संस्थानों को भी मिलेगा लाभ
MPIT का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पूरे
पूर्वी उत्तर प्रदेश के तकनीकी संस्थानों के लिए एक बड़ा केंद्र बनेगा। यहां सिर्फ
MPIT
के छात्र ही नहीं, बल्कि अन्य
कॉलेजों के छात्र भी आधुनिक और ग्लोबल कोर्सेज का लाभ उठा सकेंगे।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा
परिषद (AICTE) से मान्यता प्राप्त 15 तकनीकी संस्थानों को इस सेंटर से जोड़ा जाएगा। इससे छात्रों
को नई तकनीक और इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण मिलेगा।
इन संस्थानों को मिलेगा
फायदा
इस पहल से जिन प्रमुख
संस्थानों को लाभ मिलेगा, उनमें शामिल
हैं: