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गोरखपुर / चरगांवा
• 15-05-2026
CM आज करेंगे गोड़धाइया नाले का निरीक्षण, भाजपा के प्रबुद्ध सम्मेलन को संबोधित करेंगे, कल होगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास
रूरल न्यूज नेटवर्क।मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दोपहर बाद 3 बजे से प्रबुद्ध सम्मेलन को
संबोधित करेंगे। भाजपा महानगर की ओर से राप्तीनगर स्थित मैरेज हाल में आयोजित इस
कार्यक्रम में शामिल होने के बाद गोड़धोइया नाला परियोजना के प्रगति का निरीक्षण कर
करेंगे। मुख्यमंत्री इस परियोजना के अंतर्गत बनाए जा रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
(STP) का निरीक्षण भी करेंगे। उसके बाद एचएन सिंह से हड़हवा फाटक
मार्ग पर कार्य की प्रगति देखेंगे।तीन दिवसीय दौरे पर पहुंच
रहे मुख्यमंत्री 16 मई को गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर ताल नदोर में
बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास करेंगे। इस दौरान पेट्रोलियम
मंत्री हरदीप पुरी भी मौजूद रहेंगे। इसके बाद सीएम गोरखनाथ मंदिर पहुंचेंगे। 17 मई को सहजनवा
विधानसभा क्षेत्र में आयोजित भाजपा के जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित
करेंगे। यह प्रशिक्षण वर्ग दो दिनों तक चलेगा।
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गोड़धोइया परियोजना का काम
अंतिम चरण में
गोड़धोइया नाला परियोजना का
काम अंतिम चरण में है। इसके तहत अब केवल लगभग 3.50 किमी सीवर लाइन
बिछाने का कार्य शेष है। सभी कल्वर्ट का निर्माण पूरा हो चुका है और STP का ट्रायल भी जारी है। कार्यदायी संस्था जल निगम दिन-रात
काम कराकर परियोजना को समय से पूरा करने में जुटी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
शुक्रवार को गोरखपुर दौरे के दौरान दोपहर बाद इस नाला निर्माण कार्य का निरीक्षण
भी करेंगे, जिसे लेकर प्रशासनिक तैयारी तेज हो गई हैं।
इसी क्रम में कमिश्नर अनिल
ढींगरा ने नगर आयुक्त अनुराग जैन के साथ गुरुवार को गोड़धोइया नाले के जीरो
प्वाइंट, जंगल छत्रधारी और 61 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन STP का निरीक्षण किया था। उन्होंने जल निगम के अभियंताओं को
निर्देश दिया कि जीरो प्वाइंट से एसटीपी तक पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई तेजी से पूरी
की जाए। साथ ही विद्युत तारों और हाईटेंशन लाइनों को दुरुस्त करने, सड़क मार्ग को बेहतर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा
कि पंचायत राज, विद्युत विभाग नगर निगम समन्वय स्थापित कर सभी
व्यवस्थाएं समय पर दुरुस्त करे।
गोड़धोइया नाला परियोजना
न केवल जलभराव की समस्या का समाधान करेगी, बल्कि शहर की स्वच्छता और
जल निकासी व्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी। इससे बरसात के मौसम में होने वाली
परेशानियों में बड़ी कमी आएगी और शहरी जीवन अधिक सुगम हो सकेगा।