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• gorakhpur, cm yogi, mobile phone • गोरखपुर / चरगांवा • 10-06-2026

अंडरवियर में मोबाइल छिपाने वाला गिड़गिड़ाया, रोते हुए बोला- पुलिस बनने का सपना था, क्रिमिनल बन गया, बदनामी होगी

रूरल न्यूज नेटवर्क सर मुझे माफ कर दीजिए…। पुलिस बनना चाहता था, लेकिन शार्टकट के चक्कर में क्रिमिनल बन गया। एक बार छोड़ दीजिए, फिर कभी कोई गलत काम नहीं करूंगा। ये बातें 23 साल के राम प्रकाश चौहान ने गोरखपुर में पुलिस के सामने गिड़गिड़ाते हुए कही। वह यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में क्वेश्चन पेपर का मोबाइल से फोटो खींचते हुए पकड़ा गया था।

आरोपी बिहार का रहने वाला है। सोमवार को गोरखपुर के नीना थापा इंटर कॉलेज में सिपाही बनने के लिए दूसरी पाली की परीक्षा देने आया था। कॉलेज के गेट पर फाइव लेयर की चेकिंग को चकमा देते हुए एग्जाम रूम तक पहुंच गया था। पकड़े जाने पर वह पुलिस के सामने फूट-फूटकर रोया। बार-बार माफी मांग रहा था।

पुलिस ने आरोपी के परिजनों को सूचना देकर उसे जेल भेज दिया। पुलिस उसके चचेरे भाई को पकड़ने के लिए बिहार रवाना हो गई है। चचेरे भाई के मोबाइल पर भेजनी थी पेपर की फोटो

राम प्रकाश चौहान बिहार में नालंदा जिले के अस्थावा थाना क्षेत्र के बेलवरिया गांव का रहने वाला है। वह 12वीं तक पढ़ा है। उसने कई प्रतियोगी परीक्षाएं दी, लेकिन सफलता नहीं मिली।

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राम प्रकाश ने पूछताछ में बताया कि पुलिस का बहुत भौकाल होता है। इसलिए मैंने भी पुलिस बनने की तैयारी शुरू कर दी। रोज सुबह उठकर दौड़ की प्रैक्टिस करता था। घर पर पढ़ाई भी करता था। लेकिन पढ़ाई में थोड़ा कमजोर था। मेरा चचेरा बड़ा भाई भी प्रतियोगी परीक्षा देता है। वह पढ़ने में बहुत तेज है। उसके साथ बैठकर मैंने पुलिस परीक्षा में नकल करने का प्लान बनाया था।

एक दिन पहले खरीदा था अंडरवियर

राम प्रकाश बोला कि चचेरे भाई ने कहा था- रोज रोज प्रतियोगी परीक्षा नहीं होती है। इस बार किसी भी तरह परीक्षा पास करना है तो रिस्क लेना पड़ेगा। अगर किसी तरह एग्जाम रूम में मोबाइल लेकर एंट्री कर जाओ तो काम बन जाएगा।

पेपर की फोटो खींचकर भेजना, यहां गूगल से देखकर आंसर तुरंत भेज दूंगा। यह बात मेरे दिमाग में घर कर गई। इसके बाद मैंने परीक्षा के एक दिन पहले 7 जून को एक नया अंडरवियर खरीदा, ताकि मोबाइल उसके अंदर छिप जाए।

सेंटर पर चेकिंग देखकर डर गया था

राम प्रकाश ने बताया- दूसरी पाली का एग्जाम दोपहर तीन बजे स्टार्ट होना था। दो घंटे पहले ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गया था। वहां गेट पर चेकिंग देखकर डर गया था। काफी देर तक बाहर खड़ा होकर देखता रहा। फिर किनारे जाकर अंडरवियर के अंदर अच्छे से एंड्रायड मोबाइल को छिपाया। जब खुद को तसल्ली हो गई, फिर गेट की तरफ गया। वहां मेरी अच्छे से चेकिंग हुई। लेकिन कोई दिक्कत नहीं हुई। इसके बाद लगा कि अब मेरा पुलिस बनने का सपना पूरा हो जाएगा।

एग्जाम रूम में 25 मिनट तक पेपर देखता रहा। फिर जब सभी अभ्यर्थी अपने लिखने में जुट गए, तब मैंने धीरे से अंडरवियर से मोबाइल निकाला। पेपर के फोटो खींच लिए। लेकिन चचेरे भाई को वॉट्सएप करने से पहले ही पकड़ा गया।

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