झाड़ू-फावड़ा लेकर उतरे मेयर और नगर आयुक्त, रीसाइकल के लिए भेजा गया 170 किलो कचरा, नंबर-1 बनने की दिशा में बढ़ रहा गोरखपुर
रूरल न्यूज नेटवर्क।शहर को साफ और
सुंदर बनाने के उद्देश्य से गोरखपुर नगर निगम ने रविवार को राप्ती नदी के किनारे
स्थित रामघाट पर एक बड़े स्वच्छता महा-अभियान का आयोजन किया। यह अभियान
"स्वच्छता की नई पहल - बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ" थीम पर आधारित था।
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अभियान का
नेतृत्व महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने किया।
दोनों अधिकारियों ने खुद झाड़ू और फावड़ा उठाकर श्रमदान किया। उनके साथ अन्य
अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी सफाई कार्य में भाग लिया। इससे वहां मौजूद लोगों
को सफाई के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा मिली।
इस अभियान में
प्रशासन और आम जनता की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर
विश्वविद्यालय के छात्रों, कई समाजसेवी संस्थाओं, पार्षदों और नगर निगम की
टीम सहित 500 से अधिक लोगों
ने मिलकर सफाई की। सभी ने मिलकर रामघाट क्षेत्र को कुछ ही घंटों में कचरा मुक्त कर
दिया।
सफाई के दौरान
करीब 170 किलो
सिंगल-यूज़ प्लास्टिक और अन्य नॉन-बायोडिग्रेडेबल कचरा इकट्ठा किया गया। इस कचरे
को तुरंत विशेष वाहनों से एमआरएफ सेंटर भेजा गया, जहां उसका वैज्ञानिक तरीके
से निस्तारण और रीसाइक्लिंग की जाएगी।
कार्यक्रम के
दौरान स्थानीय गायकों ने स्वच्छता से जुड़े गीत प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया।
साथ ही महापौर ने ‘पेंट माय घाट’ अभियान की भी शुरुआत की। इसके तहत विश्वविद्यालय
के फाइन आर्ट्स के छात्र घाटों की दीवारों पर सुंदर पेंटिंग बना रहे हैं।
इसका मकसद
घाटों को आकर्षक और पर्यटन के अनुकूल ‘ग्रीन जोन’ के रूप में विकसित करना है। नगर
आयुक्त ने विश्वास जताया कि नागरिकों के सहयोग से गोरखपुर आने वाले स्वच्छ
सर्वेक्षण में ‘रिवर टाउन’ श्रेणी में देश में पहला स्थान हासिल कर सकता है।