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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। नगर निगम शहर की हवा को साफ और बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इसके लिए करीब 75 करोड़ रुपये की लागत से एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। यह योजना राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत बनाई गई है, जिसे नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में बनी नगर स्तरीय समिति ने मंजूरी दे दी है। सड़कों और चौराहों पर होगा बड़ा बदलाव इस योजना के तहत शहर की कई प्रमुख सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी और चौराहों को नए सिरे से डिजाइन किया जाएगा, ताकि जाम की समस्या कम हो सके। सड़कों का एंड-टू-एंड पक्कीकरण, ब्लैक टॉपिंग और नियमित रखरखाव किया जाएगा।
इससे सड़क से उड़ने वाली धूल में काफी कमी आएगी और वायु प्रदूषण घटेगा। बेहतर सड़कों की वजह से वाहनों को बार-बार रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे ईंधन की खपत कम होगी और धुएं का उत्सर्जन भी घटेगा। इससे लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी। बड़े पैमाने पर होगा पौधारोपण शहर को हराभरा बनाने के लिए करीब 2,70,913 वर्गमीटर क्षेत्र में पौधारोपण की योजना है। इसके तहत पांच प्रमुख मार्गों के किनारे पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही मियावाकी पद्धति से घने वन विकसित किए जाएंगे, खासकर महेसरा क्षेत्र में।
मियावाकी वन बहुत कम समय में
घने जंगल का रूप ले लेते हैं, जो कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर ऑक्सीजन बढ़ाते हैं। इसका
फायदा खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को मिलेगा। इसके
साथ ही शहर का तापमान संतुलित रहेगा और हीट आइलैंड प्रभाव में भी कमी आएगी।
इन जगहों पर होगा पौधारोपण
डोमिनगढ़ से महेसरा ओवरब्रिज रोड किनारे – लगभग 40,000 वर्ग मीटर ट्रांसपोर्टनगर से डोमिनगढ़ रोड – 25,000 वर्ग मीटर एकला बांध से बाईपास रोड तक – 11,800 वर्ग मीटर नौसढ़ से बगहा बाघागाड़ा रोड – 1,280 वर्ग मीटर ट्रांसपोर्टनगर से बाईपास रोड – 30,231 वर्ग मीटर महेसरा क्षेत्र में मियावाकी वन सहित हरित क्षेत्र – 1,62,602 वर्ग मीटर जाम कम करने के लिए आधुनिक ट्रैफिक व्यवस्था यातायात सुधार के लिए शहर के चार प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों को फिर से डिजाइन किया जाएगा और वहां आधुनिक सिग्नल सिस्टम लगाया जाएगा।
इससे वाहनों का अनावश्यक रुकना कम होगा और ध्वनि व वायु प्रदूषण दोनों में कमी आएगी। समय की बचत होगी और शहर की कार्यक्षमता बढ़ेगी। नगर निगम शहर की हवा की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए गोलघर समेत तीन स्थानों पर प्रदूषण मापक यंत्र लगाएगा। इस पर करीब 1.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसके अलावा राजघाट शवदाह गृह और कान्हा उपवन पशु शवदाह गृह में वायु प्रदूषण
को नियंत्रित करने के लिए विशेष उपकरण लगाए जाएंगे। ये उपकरण सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन
ऑक्साइड और धूल के कण जैसे प्रदूषकों को हवा में जाने से पहले ही फ़िल्टर या सोख लेते
हैं।