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• gorakhpur, cm yogi, university, student, foreign • गोरखपुर / चरगांवा • 13-03-2026

विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही, 7 देशों के 15 विश्वविद्यालयों के साथ समझौता, PHD में संख्या 50 पार होने की संभावना

रूरल न्यूज नेटवर्क दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विश्वविद्यालय में P.hd करने के लिए अलग-अलग देशों से छात्र पहुंच रहे हैं। मौजूदा सत्र में P.hd करने वाले अंतरराष्ट्रीय शोधार्थियों की संख्या 50 के पार पहुंचने की उम्मीद है। नए सत्र के लिए मिल रहे आवेदनों को देखकर विश्वविद्यालय प्रशासन भी उत्साहित है और इसे विश्वविद्यालय की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है।

कुछ साल पहले तक विश्वविद्यालय में बहुत कम विदेशी छात्र पढ़ाई के लिए आते थे। ज्यादातर छात्र नेपाल से ही होते थे और उनकी संख्या भी बहुत सीमित थी। लेकिन पिछले दो सालों में विश्वविद्यालय ने विदेशों के कई विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक समझौते किए हैं। इसके बाद यहां विदेशी छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है।

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सात देशों के 15 विश्वविद्यालयों से हुआ समझौता

DDU ने पिछले दो सालों में नेपाल, बांग्लादेश, मलेशिया, थाइलैंड, वियतनाम, अमेरिका और कनाडा के कुल 15 विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। इनमें नेपाल के पांच विश्वविद्यालय भी शामिल हैं। नेपाल के सबसे बड़े त्रिभुवन विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौते से DDU को खास फायदा मिल रहा है। इससे दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शोध, पढ़ाई और छात्र आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला है।

विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. रामवंत गुप्ता ने बताया कि इस समय विश्वविद्यालय परिसर में कुल 43 विदेशी छात्र P.hd कर रहे हैं। इनमें दो छात्र अमेरिका से और 41 छात्र नेपाल से हैं। इन शोधार्थियों के आने से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का बन रहा है।

30 मार्च तक चल रही P.hd प्रवेश प्रक्रिया

सत्र 2025-26 के लिए P.hd में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मार्च तय की गई है। अभी तक कुल 11 आवेदन प्राप्त हुए हैं और ये सभी आवेदन नेपाल के छात्रों की ओर से किए गए हैं।

अब तक आए आवेदनों में चार-चार छात्रों ने कंप्यूटर साइंस और मैनेजमेंट विषय में P.hd के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा विधि, शिक्षाशास्त्र और गणित विषय में एक-एक आवेदन प्राप्त हुआ है। इससे यह भी साफ हो रहा है कि तकनीकी और प्रबंधन से जुड़े विषयों में विदेशी छात्रों की खास रुचि है।

दो सालों में तेजी से बढ़ा विदेशी छात्रों का आंकड़ा

विश्वविद्यालय में पिछले दो सालों के दौरान विदेशी छात्रों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। सत्र 2023-24 में आठ अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने P.hd में प्रवेश लिया था। इसके बाद सत्र 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 35 हो गई। इससे विश्वविद्यालय की पहचान देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी मजबूत हो रही है।

डॉ. रामवंत गुप्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों को P.hd में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा नहीं देनी पड़ती है। उन्हें सीधे प्रवेश दिया जाता है। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि छात्र अपने सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्र अपने देश में स्थित भारतीय दूतावास से सत्यापित कराएं। इसके बाद ही उन्हें विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया जाता है।

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