BREAKING NEWS
गोरखपुर : राप्तीनगर वार्ड संख्या 80 में नवनिर्मित कल्याण मंडपम का 29 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी करेंगे लोकार्पण
गोरखपुर : वरिष्ठ नागरिक दिवस के मौके पर प्रबुद्ध वर्ग चौपाल ने किया बुजुर्गों का सम्मान, सम्मानित हुए ओम प्रकाश मिश्र (82 साल),रामाराव (88 साल), सीताराम यादव, के एन शुक्ल, उमाशंकर चंद, ब्रह्मदेव पाण्डेय, रवींद्र मोहन तिवारी, कमलाकांत श्रीवास्तव, प्रोफेसर
गोरखपुर : लाइन शिफ्टिंग के नाते जनप्रिय, हनुमंतनगर, मोती पोखरा, बशारतपुर, नीनाथापा,करीम नगर और सूबा बाजार फीडर वाले क्षेत्र में 5 घंटे ठप रहेगी बिजली.
Default left Ad
Default right Ad
• gorakhpur, cm yogi, 'Pink Moon' • गोरखपुर / चरगांवा • 01-04-2026

शाम से दिखेगा ‘पिंक मून’, बिना किसी इक्विपमेंट के आएगा नजर, ज्यादा खूबसूरत दिखेगा चांद

रूरल न्यूज नेटवर्क। रात आसमान में पूर्ण चंद्रमा का आकर्षक दृश्य देखने को मिलेगा। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार ‘पिंक मून’ नाम से प्रसिद्ध यह पूर्णिमा यानी बुधवार की शाम से गुरुवार की भोर तक साफ तौर पर देखी जा सकेगी। खगोलविद ने बताया कि ‘पिंक मून’ कोई अलग या खास रंग वाला चंद्रमा नहीं होता, बल्कि यह अप्रैल महीने की पूर्णिमा का पारंपरिक नाम है। इस दौरान चंद्रमा सामान्य रूप से सफेद या हल्का पीला ही दिखाई देता है। ‘पिंक मून’ नाम उत्तरी अमेरिका में अप्रैल में खिलने वाले गुलाबी रंग के ‘फ्लॉक्स’ फूल से लिया गया है। यह नाम मौसम के बदलाव को दर्शाता है, न कि चंद्रमा के वास्तविक रंग को।

Image Source Here...

उन्होंने बताया कि भारत में इसे देखने का सबसे अच्छा समय बुधवार की शाम सूर्यास्त के बाद से 2 अप्रैल की भोर तक रहेगा। पूर्णिमा का चरम समय गुरुवार सुबह करीब 7:42 बजे होगा, लेकिन उस समय दिन होने के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देगा। आम तौर पर बुधवार की रात और गुरुवार की सुबह तक चंद्रमा पूरा गोल और ज्यादा चमकीला नजर आएगा।

Image Source Here...

खगोलविद ने बताया कि पिंक मून को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं है। खुले स्थान जैसे छत या मैदान से इसे आसानी से देखा जा सकता है। शाम के समय यह पूर्व दिशा में और सुबह के समय पश्चिम दिशा में दिखाई देगा। दूरबीन या टेलीस्कोप होने पर चंद्रमा की सतह के गड्ढे भी देखे जा सकते हैं।

Image Source Here...

दो दिन तक मिलेगा पूरा दृश्य

उन्होंने बताया कि पूर्णिमा तब होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीध में होते हैं और पृथ्वी से चंद्रमा का पूरा प्रकाशित हिस्सा दिखाई देता है। इस स्थिति को खगोलीय भाषा में विशेष संरेखण कहा जाता है।

अमर पाल सिंह के अनुसार वैज्ञानिक रूप से पूर्णिमा एक क्षण होती है, लेकिन सामान्य तौर पर चंद्रमा एक दिन पहले और एक दिन बाद तक लगभग पूरा गोल दिखाई देता है। इसलिए 1 और 2 अप्रैल दोनों दिन अच्छा दृश्य मिलेगा।

Static Fallback middleAd2 Ad

जिले के गाँव-कस्बों की खबरों के लिए जुड़ें

×
03:10
गोरखपुर : गोरखपुर विश्वविद्यालय का छात्रनेता सतीश प्रजापति जेल से रिहा
गोरखपुर : इलाके में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश, जनजीवन अस्तव्यस्त
गोरखपुर : भारी बारिश के चलते जिले में 12 वीं तक के सभी स्कूलों में शनिवार को अवकाश, डीएम ने दिए आदेश
गोरखपुर : राज्यसभा सांसद डॉ राधामोहन दास अग्रवाल ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर विश्वविद्यालय स्थित प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
गोरखपुर : सेवा संकल्प समारोह के तहत शुक्रवार को हुआ आंगनबाड़ी कार्यकत्रिर्यों का सम्मान, मिला साड़ी और सर्टिफिकेट
गोरखपुर: लोकगायक राकेश श्रीवास्तव को स्व. रवि नागर स्मृति मंजुश्री सम्मान
गोरखपुर : MMMTU की पूर्व छात्रा सेजल ने जीता एशियन चैम्पियनशिप में रजत पदक, इंसतांबुल में उठाया 92.5 किलो वजन
गोरखपुर : त्योहारों के मद्देनजर रोजाना चलेगी गोरखपुर-पुणे फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, 16 अक्टूबर से 17 नवंबर के बीच
गोरखपुर : बारिश ने 10-15 मिनट में सामान पहुँचने का दावा करने वाली जोंमैटो, ब्लिंकिट जैसी कंपनियों पर लगाया ब्रेक, नहीं कर सकी डिलेवरी
गोरखपुर : नौसढ़ चौराहे पर शनिवार शाम गिरा यूनिपोल और बिजली पोल, दबी अर्टिगा कार, बाल बाल बचे सवार
गोरखपुर : जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर शनिवार को चढ़ी कार, यात्रियों में मची अफरातफरी, RPF ने चालक के खिलाफ की कार्रवाई, कार किया जब्त
गोरखपुर : शनिवार को बारिश के तीसरे दिन शहर की पूरी सफाई व्यवस्था ध्वस्त, घरों-दुकानों में पहुँच गंदा पानी
गोरखपुर : चाइनीज माँझे से बीबीए छात्र का जबड़ा काटा, लगे 12 टांके
गोरखपुर : 3 दिवसीय प्रवास आज गोरखपुर आएंगे मुख्यमंत्री योगी, अधिकांश समय मंदिर परिसर में आयोजित समारोहों में व्यतीत करेंगे
गोरखपुर : महेवा गल्ला मंडी में बारिश से करोड़ों का गल्ला बर्बाद, नुकसान की भरपाई के लिए व्यापारियों की सरकार से आस