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Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। बसंतपुर खास स्थित प्राइमरी स्कूल में प्रधान अध्यापिका नाज़ बानों के सेवानिवृत्त होने पर जो माहौल बना, वह शिक्षक और विद्यार्थियों के गहरे रिश्ते को दर्शाता है। विदायी समारोह की मुख्य अतिथि पूर्व महापौर श्रीमती अंजू चौधरी थी। संचालन का दायित्व पूर्व पार्षद वासिक खान एवं वरिष्ठ शायर फर्रुख जमाल ने संयुक्त रूप से निभायी।
क्या खास रहा इस
विदाई में?
छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रिय शिक्षिका नाज़
बानों को फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा के साथ विदा किया। कई बच्चे और शिक्षक आंसू रोक
नहीं पाए, पूरा माहौल भावुक हो गया। खुद नाज़ बानों भी
सम्मान और प्रेम देखकर भावुक होकर रो पड़ीं। शिक्षक-छात्र संबंध की झलक से यह
प्रतीत होता है कि एक सच्चा शिक्षक केवल पढ़ाता नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन पर गहरा प्रभाव छोड़ता है।
वर्षों तक उसी
विद्यालय में सेवा दी
नाज़ बानों ने अनुशासन, सादगी और समर्पण से बच्चों का मार्गदर्शन किया। अपने
व्यवहार से सभी के दिलों में खास जगह बनाई।
समारोह में क्या
कहा गया?
मुख्य अतिथि अंजू चौधरी (पूर्व महापौर) ने कहा
सेवानिवृत्ति अंत नहीं, बल्कि जीवन का नया
चरण है। शिक्षा एक ऐसी धरोहर है जो भविष्य को मजबूत बनाती है। नाज़ बानों जैसे
समर्पित शिक्षक हमेशा याद रखे जाते हैं। यह विदाई सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं
था, बल्कि सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता की सजीव मिसाल थी। नाज़ बानों ने अपने
कार्यकाल में जो स्नेह और विश्वास कमाया, वही उनकी विदाई के समय साफ दिखाई दिया।
इन लोगों ने
संबोधित किया
इस मौके पर मुख्य रूप से डा. रहमत अली, पूर्व महापौर अंजू चौधरी, महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, डा. दरख्शां ताजवर, दिलशाद अहमद, अजय शंकर श्रीवास्तव, वरिष्ठ समाजसेवी
गरिमा सिंह, संपूर्णानंद त्रिपाठी, मुहम्मद कामिल खान, स्कूल का पदभार ग्रहण करने वाले अमरनाथ मणि ने विदायी समारोह को संबोधित किया।
यह लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य रूप से वरिष्ठ समाजसेवी डा.
अजीज रिजवी, गरिमा सिंह, मोहम्मद रजी, मुशर्रफ अली, सज्जाद अली रहमानी,
निधि कनौजिया, अफसाना खान, मोहम्मद नासिर,
कुलसुम फातिमा, मोहसिना, नजरुल, आसिफ, सानिया, साजिया, तालिब आब्दी, सना रिजवी, आयत आब्दी, गायत्री, शैलेश शर्मा, साधना, गरिमा, इंशा, तुबा, मुर्तजा हुसैन रहमानी, सैयद युसूफ,
सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।