गोरखपुर स्टेशन पर छोड़ा किशोरी को:चार महीने तक भटकती रही, जबरन काम कराया
हल्द्वानी से गोरखपुर
लाई गई एक नाबालिग बच्ची को
उसके पिता और भाई ने
रेलवे स्टेशन के
पास एक पेट्रोल
पंप पर छोड़ दिया। इसके
बाद बच्ची करीब
चार महीने तक
भटकती रही और इस दौरान
उसका शारीरिक व
मानसिक शोषण किया
गया। आखिरकार, बच्ची
ने साहस जुटाकर
एक महिला की
मदद से गोला थाने पहुंचकर
पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई।
पीड़िता ने पुलिस
को बताया कि
उसके पिता और भाई उसे
घुमाने के बहाने
ट्रेन से गोरखपुर
लाए थे। जब उसने अपनी
मां और बहन को भी
साथ ले जाने की बात
कही, तो उन्होंने
मना कर दिया।
गोरखपुर पहुंचने पर
उसे रेलवे स्टेशन
के पास एक पेट्रोल पंप पर उतार दिया
गया और दोनों
वहां से चले गए।
कुछ दिनों तक
बच्ची गोरखपुर में
एक ऑटो चालक
की पत्नी के
संपर्क में रही।
इसी दौरान उसकी
पहचान पास में किराए के
मकान में रहने
वाली गोला थाना
क्षेत्र की एक महिला से
हुई।
यह महिला बच्ची
को अपने साथ
गोला थाना क्षेत्र
के एक गांव ले गई,
जहां उससे रोजाना
घरेलू काम कराया
जाने लगा। बच्ची
का आरोप है कि काम
में थोड़ी सी
भी गलती होने
पर या काम न करने
पर उसे डांटा
जाता और मारपीट
की जाती थी।
महिला अक्सर उसे
यह कहकर डराती
थी कि उसके पिता ने
उसे छोड़ दिया
है और अब उसका कोई
नहीं है। पीड़िता
के अनुसार, यह
सिलसिला करीब तीन
महीने तक चला और घर
छोड़े उसे कुल चार महीने
बीत चुके थे।
किसी तरह हिम्मत
जुटाकर बच्ची वहां
से निकलने में
सफल हुई और बिसरा क्षेत्र
की एक महिला
के पास पहुंचकर
मदद मांगी। बच्ची
ने महिला से
कहा कि वह पुलिस से
मिलकर अपनी शिकायत
करना चाहती है।
महिला ने तत्काल
पुलिस को सूचना
दी और बच्ची
को लेकर थाने
पहुंची, जहां उसने
रोते हुए पुलिस
को पूरी कहानी
बताई। पीड़िता ने
बताया कि वह अपने घर
लौटना चाहती है
और पढ़-लिखकर
डॉक्टर बनना चाहती
है।
इस संबंध में
क्राइम इंस्पेक्टर गोला
विनय कुमार ने
बताया कि बच्ची
को सुरक्षा की
दृष्टि से चाइल्ड
हेल्पलाइन गोरखपुर भेज दिया
गया है और मामले की
जांच की जा रही है।