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Tuesday, 26th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क। गोरखपुर शहर की
बढ़ती आबादी की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की ओर से नया
गोरखपुर परियोजना शुरू की गई है। इसकी पहली टाउनशिप के रूप में गुरुकुल सिटी को
लांच किया जाएगा। जल्द ही इसका डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर लिया
जाएगा। इसके लिए कंसल्टेंट हायर करने की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच गुरुकुल सिटी
में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम भी शुरू होने वाला है। यहां 19 करोड़ 55 लाख की लागत से
3 सड़कों का
निर्माण किया जाएगा।
इन सड़कों की लंबाई 3110 मीटर होगी। एक
सड़क 49 मीटर चौड़ी और 1190 मीटर लंबी होगी। दूसरी सड़क
18 मीटर चौड़ी 540 मीटर लंबी और
तीसरी सड़क 12 मीटर चौड़ी 1380 मीटर लंबी होगी। इन सड़कों
के लिए दो गांव की 26 अराजी ली गई है। जबकि 76 अराजी में में जमीन का
अधिग्रहण करा होगा। इसके लिए आपसी सहमति के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही
अनिवार्य अर्जन की कार्रवाई भी चल रही है। प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में इन सड़कों
के निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है।
बोर्ड बैठक में स्वीकृत हो
चुका है लेआउट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
की महत्वाकांक्षी ‘नया गोरखपुर’ परियोजना के तहत विकसित होने वाली ‘गुरुकुल सिटी’
के ले-आउट को GDA बोर्ड से स्वीकृति मिल गई है। GDA उपाध्यक्ष
अभिनव गोपाल ने इस परियोजना का निरीक्षण किया है। उन्हें बताया गया कि मानीराम, बालापार एवं
रहमतनगर में गुरुकुल सिटी फेज वन एवं टू परियोजना है जिसके तहत 153.079 हेक्टेयर
लक्ष्य के सापेक्ष 90.964
हेक्टेयर जमीन समझौत के आधार पर 1308 किसानों से
खरीदी जा चुकी है।
लगभग 08 हेक्टेयर जमीन ग्राम पंचायत
की सरकारी भूमि है। शेष के लिए अनिवार्य अर्जन की प्रक्रिया चल रही जिसके लिए धारा
11 का प्रकाशन
जल्द हो जाएगा। प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने शेष भूमि के लिए अनिवार्य
अधिग्रहण की कार्रवाई तेज करने के साथ समझौते का विकल्प खुला रखने का भी निर्देश
दिया।
यह होंगी सुविधाएं
परियोजना के तहत आधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएगी। जिसमें आवासीय प्लॉट, निजी विश्वविद्यालय, शिक्षण संस्थान, हरित क्षेत्र, रिसॉर्ट और सामुदायिक सुविधाएं विकसित होंगी। चिलुआताल क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना भी इस योजना का प्रमुख आकर्षण रहेगा। जीडीए उपाध्यक्ष ने सड़क, नाली, सीवर, बिजली और पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं के साथ सम्पूर्ण परियोजना का डीपीआर तैयार करने के लिए जल्द से जल्द सलाहकार फर्म हायर करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।