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Sunday, 17th May, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस की वरिष्ठ
नेत्री मोहसिना किदवई के निधन पर वरिष्ठ काउंसलर एवं समाजसेवी खैरूल बशर ने गहरा
शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनके निधन से देश की राजनीति का एक
महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है, जो उनके लिए व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों स्तरों पर अपूरणीय
क्षति है।
खैरूल बशर ने भावुक होते हुए कहा कि उनका मोहसिना किदवई से
अत्यंत आत्मीय संबंध था और वह उन्हें बेटे जैसा स्नेह देती थीं। उन्होंने बताया कि
छात्र जीवन से ही वह उनके कार्यों से प्रभावित रहती थीं और केंद्रीय मंत्री रहने
के बावजूद उनके एक आमंत्रण पर कार्यक्रमों में शामिल होकर उनका और उनकी टीम का
उत्साहवर्धन करती थीं।
उन्होंने कहा कि मोहसिना किदवई ने दशकों तक देश की राजनीति
में महत्वपूर्ण योगदान दिया और कई अहम मंत्रालयों का सफल संचालन किया। उनके
कार्यकाल में रेल, सड़क और हवाई जैसे
महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी एक साथ संभालना उनकी कार्यकुशलता का प्रमाण था।
खैरूल बशर ने उनके सादगीपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि इतना लंबा राजनीतिक
सफर तय करने और बड़े पदों पर रहने के बावजूद उनके पास निजी आवास तक नहीं था। यह उनकी
ईमानदारी और सादगी का जीता-जागता उदाहरण है।
उन्होंने इंदिरा गांधी के साथ उनके राजनीतिक सफर को याद
करते हुए कहा कि दोनों की जोड़ी ने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। वर्ष 1977 के कठिन राजनीतिक माहौल में आज़मगढ़ से चुनाव
लड़कर जीत हासिल करना उनके साहस और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। विपरीत
परिस्थितियों में भी उन्होंने हार नहीं मानी और संघर्ष करते हुए इतिहास रच दिया।
बशर ने बताया कि मोहसिना किदवई देश की ऐसी विरली नेता थीं, जिन्होंने पूर्वांचल (आज़मगढ़) और पश्चिमी
उत्तर प्रदेश (मेरठ) दोनों क्षेत्रों का लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने
यह भी कहा कि जब राजीव गांधी उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाना चाहते थे, तब उन्होंने स्वयं इंकार कर दिया, जिसके बाद शंकर दयाल शर्मा इस पद पर आसीन हुए।
अंत में खैरूल बशर ने कहा कि मोहसिना किदवई एक ईमानदार, दूरदर्शी और प्रभावशाली सियासतदान थीं। उनका
पूरा जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की
मिसाल है, जिसे देश लंबे समय
तक याद रखेगा। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “मोहसिना किदवई जी, आपको मेरा आखिरी सलाम… आप हमेशा हमारी यादों
में जीवित रहेंगी।”