BREAKING NEWS
गोरखपुर : रेल यात्रियों को राहत, रेलवे ने बढाए स्पेशल ट्रेनों के ट्रिप
गोरखपुर : लाइन शिफ्टिंग के नाते जनप्रिय, हनुमंतनगर, मोती पोखरा, बशारतपुर, नीनाथापा,करीम नगर और सूबा बाजार फीडर वाले क्षेत्र में 5 घंटे ठप रहेगी बिजली.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी I
Default left Ad
Default right Ad
• gorakhpur, cm yogi, Congress, Mohsina Kidwai • गोरखपुर / चरगांवा • 10-04-2026

वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री को श्रद्धांजलि, “ईमानदारी, संघर्ष और सेवा की मिसाल थीं मोहसिना किदवई”

रूरल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री मोहसिना किदवई के निधन पर वरिष्ठ काउंसलर एवं समाजसेवी खैरूल बशर ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनके निधन से देश की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है, जो उनके लिए व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों स्तरों पर अपूरणीय क्षति है।

Image Source Here...

खैरूल बशर ने भावुक होते हुए कहा कि उनका मोहसिना किदवई से अत्यंत आत्मीय संबंध था और वह उन्हें बेटे जैसा स्नेह देती थीं। उन्होंने बताया कि छात्र जीवन से ही वह उनके कार्यों से प्रभावित रहती थीं और केंद्रीय मंत्री रहने के बावजूद उनके एक आमंत्रण पर कार्यक्रमों में शामिल होकर उनका और उनकी टीम का उत्साहवर्धन करती थीं।

उन्होंने कहा कि मोहसिना किदवई ने दशकों तक देश की राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया और कई अहम मंत्रालयों का सफल संचालन किया। उनके कार्यकाल में रेल, सड़क और हवाई जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी एक साथ संभालना उनकी कार्यकुशलता का प्रमाण था। खैरूल बशर ने उनके सादगीपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि इतना लंबा राजनीतिक सफर तय करने और बड़े पदों पर रहने के बावजूद उनके पास निजी आवास तक नहीं था। यह उनकी ईमानदारी और सादगी का जीता-जागता उदाहरण है।

उन्होंने इंदिरा गांधी के साथ उनके राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि दोनों की जोड़ी ने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। वर्ष 1977 के कठिन राजनीतिक माहौल में आज़मगढ़ से चुनाव लड़कर जीत हासिल करना उनके साहस और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने हार नहीं मानी और संघर्ष करते हुए इतिहास रच दिया। बशर ने बताया कि मोहसिना किदवई देश की ऐसी विरली नेता थीं, जिन्होंने पूर्वांचल (आज़मगढ़) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मेरठ) दोनों क्षेत्रों का लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने यह भी कहा कि जब राजीव गांधी उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाना चाहते थे, तब उन्होंने स्वयं इंकार कर दिया, जिसके बाद शंकर दयाल शर्मा इस पद पर आसीन हुए।

अंत में खैरूल बशर ने कहा कि मोहसिना किदवई एक ईमानदार, दूरदर्शी और प्रभावशाली सियासतदान थीं। उनका पूरा जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की मिसाल है, जिसे देश लंबे समय तक याद रखेगा। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “मोहसिना किदवई जी, आपको मेरा आखिरी सलाम… आप हमेशा हमारी यादों में जीवित रहेंगी।”

Static Fallback middleAd2 Ad

जिले के गाँव-कस्बों की खबरों के लिए जुड़ें

×
13:00
गोरखपुर : पुरवाई लोककला सम्मान-2026 से नवाजे गए लोकगायक रामदरश शर्मा और पवन पंछी
गोरखपुर : उत्तर प्रदेश गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के पूर्वाञ्चल अध्यक्ष बने सरदार जगनैन सिंह 'नीटू'
राप्तीनगर वार्ड 80 की पार्षद पूनम सिंह बनी नगर निगम की उपसभापति
रजत राय बने अखिल भारतीय फार्मसिस्ट एसोसिएशन के गोरखपुर जिला महासचिव
गोरखपुर : दस साल की बच्ची के अपहरण के बाद हत्या के मामले में आक्रोशित अधिवक्ताओं ने विरोध जुलूस निकाला
गोरखपुर : बेलीपार क्षेत्र के मलांव चौराहे पर घर के बाहर खेल रही 2 साल की बच्ची को ट्रक ने रौंदा, मौके पर मौत, ग्रामीणों ने लगाया जाम, दो थानों की पुलिस मौके पर
गोरखपुर : शाहपुर क्षेत्र में एक महिला डाक्टर ने पति पर बिना तलाक लिए दूसरी शादी करने और नशीला पदार्थ खिला न्यूड बनाने का लगाया आरोप, गंभीर धाराओं मे मुकदमा दर्ज
गोरखपुर : गोरखनाथ मंदिर मे तैनात सब इंस्पेक्टर वेनमोर डाग की कैसर से मौत, पूरे सम्मान के साठ दी गई अंतिम विदाई, एसएसपी ने दिया कंधा