'इसरो' के प्रोग्राम में DDU की दो छात्राओं का चयन, वैज्ञानिकों के साथ करेंगी रिसर्च, 'समर स्कूल ऑन स्पेस वेदर' में हिस्सा लेंगी
रूरल न्यूज नेटवर्क।दीनदयाल
उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी के फिजिक्स डिपार्टमेंट की एमएससी सेकेंड सेमेस्टर
की दो छात्राओं, तनिष्का पांडेय और आयुषी वर्मा का सिलेक्शन एक बड़े नेशनल
प्रोग्राम के लिए हुआ है।दोनों छात्राएं
मुंबई के 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जियोमैग्नेटिज़्म' (भारतीय
भूचुम्बकत्व संस्थान), और 'इसरो' की ओर से मिलकर आयोजित होने
वाले "समर स्कूल ऑन स्पेस वेदर" प्रोग्राम में हिस्सा लेंगी।
Image Source Here...
डॉ. निखिल कुमार की मदद से
मिला मौका
छात्राओं को यह बड़ा मौका
फिजिक्स डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निखिल कुमार की सिफारिश (अनुशंसा)
पर मिला है। इस प्रोग्राम के दौरान तनिष्का और आयुषी को इसरो और मुंबई संस्थान के
बड़े वैज्ञानिकों के साथ स्पेस वेदर (अंतरिक्ष मौसम) और जियोमैग्नेटिज़्म के
क्षेत्र में गहराई से रिसर्च करने और ट्रेनिंग लेने का मौका मिलेगा।
Image Source Here...
यूनिवर्सिटी में खुशी का माहौल
इस बड़ी कामयाबी पर डीडीयू
की वीसी (कुलपति) प्रो. पूनम टंडन, प्रो-वीसी
(प्रतिकुलपति) डॉ. शांतनु रस्तोगी और फिजिक्स डिपार्टमेंट के हेड प्रो. राकेश
कुमार तिवारी ने दोनों छात्राओं को बधाई दी है और उनके बेहतर भविष्य के लिए
शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता पूरी यूनिवर्सिटी के लिए फख्र की बात
है और इससे बाकी स्टूडेंट्स को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
वैज्ञानिकों के साथ काम
करना एक सपने के सच होने जैसा
तनिष्का पांडेय और आयुषी
वर्मा ने इस कामयाबी पर खुशी जताते हुए कहा -इसरो जैसे बड़े संस्थान के
वैज्ञानिकों के साथ काम करने का मौका मिलना हमारे लिए एक सपने के सच होने जैसा है।
हम इसके लिए अपने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निखिल कुमार के बहुत शुक्रगुजार हैं, जिनकी सिफारिश की वजह से हमें यह अवसर मिला। हम वहां
अंतरिक्ष मौसम और भूचुम्बकत्व (जियोमैग्नेटिज़्म) के क्षेत्र में जमकर रिसर्च
करेंगे और देश के बड़े वैज्ञानिकों से बहुत कुछ सीखने की कोशिश करेंगे।
यूनिवर्सिटी के लिए बेहद
गर्व की बात
विश्वविद्यालय की कुलपति
प्रो. पूनम टंडन, प्रतिकुलपति डॉ. शांतनु रस्तोगी और फिजिक्स
डिपार्टमेंट के हेड ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा, तनिष्का और आयुषी का चयन पूरी यूनिवर्सिटी के लिए
बेहद गर्व की बात है। हमारा मानना है कि इन छात्राओं की यह सफलता डीडीयू के बाकी
छात्र-छात्राओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बनेगी और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हौसला
देगी। हम दोनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।"