सहजनवा में ट्रैक्टर की चपेट में आकर किसान की मौके पर ही हुई मौत
सिटी हास्पिटल के स्टाफ ने निकाली जागरूकता राइड, दिव्यांग बच्चों को 1 लाख 27 हजार की सहायता उपलब्ध कराई गई
धूमधाम से मना गुड फ्राइडे, चर्च में हुई सभाएं, चर्च से लेकर घरों में दिखी रौनक
अब सुमित कुमार संभालेंगे एनईआर के सीपीआरओ की कमान, पंकज सिंह भेजे गए लखनऊ मंडल
भाजपा की जिला कार्यकारिणी घोषित, युनिवर्सिटी के पूर्व उपाध्यक्ष डाक्टर योगेश बने जिला महामंत्री
घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम, 100 दिन तक चलेगा टीवी खोज अभियान, उच्च जोखिम वाले इलाकों में लगेंगे आरोग्य शिविर
बार एसोसिएशन चुनाव में उमापति उपाध्याय बने अध्यक्ष, अनुज आस्थाना ने मंत्री पद पर मारी बाजी
यूपी के एक्सप्रेस-वे पर सफर हुआ महंगा, 5 से 85 रूपए तक टोल रेट बढे
राप्ती नदी में 4 बच्चों के शव मिले, एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम ने की 24 घंटे मशक्कत, स्टंट-रील बनाने का था शौक
गगहा थाना क्षेत्र में महिला का गला रेतकर हत्या, आरोपी सीताराम से थे संबंध, देवर ने समझाने बुलाया था, पुलिस कर रही तलाश
gorakhpur, cm yogi, cold day, Worker, union
25-Feb-2026 07:41 PM
सड़कों पर उतरे मजदूर संघ के लोग, डीएम को सौंपा ज्ञापन
रूरल न्यूज नेटवर्क।21वें अखिल भारतीय अधिवेशन के आह्वान पर भारतीय
मज़दूर संघ ने बुधवार को को पूरे देश में "विरोध दिवस के रूप में मनाया। अलग
अलग संगठन के मेंबर गोरखपुर डीएम कार्यालय पहुंचे। अपनी मांग को लेकर जोरदार
प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर पोस्टर लिए सरकार के खिलाफ नारेबाजी किए।
Image Source Here...
संगठन के लोगों
ने बताया कि- समय-समय पर सरकार के समक्ष हमने ज्वलंत मुद्दे उठाए हैं, अब तक सरकार की ओर से अपेक्षित सकारात्मक और
ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने डीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख मांगें
ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये से
बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रति
माह की जाए।
महंगाई भत्ता दिया जाए और पेंशनभोगियों को
आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए।
ईएसआई और ईपीएफ की सीमा बढ़ाई जाए ताकि
ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को लाभ मिल सके।
ईएसआईसी की वेतन सीमा 21,000 से बढ़ाकर 42,000 रुपये की जाए।
पीएफ की वेतन सीमा 15,000 से बढ़ाकर 30,000 रुपये की जाए।भुगतान बोनस अधिनियम, 1965 के तहत बोनस पाने की वेतन सीमा मौजूदा वेतन स्तर के अनुसार बढ़ाई जाए।
बिजली क्षेत्र में, विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 133 के अनुसार सभी राज्यों में त्रिपक्षीय समझौते तुरंत लागू किए जाएं, ताकि कर्मचारियों की नौकरी, पेंशन और सेवा शर्तें सुरक्षित रहें।
संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 के अनुसार योजना और संविदा कर्मचारियों को पर्मानेंट किया जाए।
नई भर्तियों पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं और
रोजगार की गारंटी व नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए