-
Wednesday, 1st April, 2026
चरगांवा
रूरल न्यूज नेटवर्क।
गोरखपुर
AIIMS में मेडिकल स्टूडेंट्स के मेस के खाने में कीड़े निकले। सोमवार को स्टूडेंट्स
ने इसकी शिकायत AIIMS प्रशासन से की। साथ ही फोटो और वीडियो भी दिए। स्टूडेंट्स का
आरोप है कि खाने की गुणवत्ता जांचने के लिए बनाई गई डॉक्टरों की टीम सिर्फ कागजों में
ही जांच कर रही। डॉक्टरों ने खुद मेस में भोजन करना बंद कर दिया। वे केवल रजिस्टर में
साइन करके हाजिरी लगा रहे। मेडिकल स्टूडेंट्स को रात का बासी खाना सुबह में दोबारा
गरम कर परोसा जा रहा।
मेस में खुले में फेंकी
गई सड़ी-गली सब्जी का इस्तेमाल किया जा रहा। सब्जी में ज्यादा तेल और तेज गंध वाले
मसाले के उपयोग से हार्ट से जुड़ी बीमारियां बढ़ने का खतरा बना रहता है।
AIIMS में मेस चलाने
का टेंडर गुजरात के श्रीदेवी कैटर्स अलंकेश्वर कंपनी को मिला है। इसके मैनेजर राधेश्याम
ने कहा- जो पेमेंट मिल रहा, उसमें इससे बेहतर क्वालिटी का खाना देना संभव नहीं है।
बाहर से टिफिन मंगा रहे
स्टूडेंट्स स्टूडेंट्स का कहना है कि मेस में लगातार खराब क्वालिटी का खाना मिलने से
कई छात्रों ने बाहर से टिफिन मंगाना शुरू कर दिया है। मेस संचालक से शिकायत करने का
कोई असर नहीं होता। उनका तर्क होता है कि जो पेमेंट मिल रहा, उसमें इससे बेहतर क्वालिटी
का खाना देना संभव नहीं है।
छात्रों का आरोप है कि
चिकन बिरयानी के नाम पर सिर्फ चावल परोसे जाते हैं। जब डॉक्टर खुद मेस का भोजन चखना
पसंद नहीं करते, तो प्रशासन को वास्तविक स्थिति का अंदाजा कैसे लगेगा।
एक-दूसरे पर दोष मढ़ रहे जिम्मेदार
स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया
है कि एम्स प्रशासन के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय एक-दूसरे पर दोष मढ़
रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी मेस में जाना लगभग बंद कर चुके हैं, जिससे मेस संचालक भी बेपरवाह
हो गया है।
छात्रों ने बताया कि
पूर्व कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल समय-समय पर मेस की जांच करते थे और छात्रों के
साथ बैठकर खाना खाते थे। उस दौरान शिकायतों में काफी कमी आई थी।
मेस में गार्ड और पुलिसकर्मी भी खा रहे खाना
स्टूडेंट्स का कहना है- मेस में सुरक्षाकर्मी भी आकर भोजन करते हैं और सीटों पर कब्जा कर लेते हैं। उन्हें रोकने के लिए एम्स प्रशासन की ओर से गार्ड की तैनाती नहीं की गई है। उल्टा, गार्ड खुद अन्य सुरक्षाकर्मियों को बुलाकर मेस में भोजन कराते हैं।